तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव (केसीआर) अभी कुछ दिनों पहले बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों के छत्रपों को एकजुट करने की बात कर रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे अब अचानक केसीआर ने यूटर्न ले लिया है. नए संसद भवन के निर्माण वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर केसीआर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बधाई देते हुए इस प्रोजेक्ट को भारत के आत्मसम्मान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया है. पीएम मोदी गुरुवार को इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसके निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा, 'मैं सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में खुद को गर्व के साथ आपसे जोड़ता हूं. परियोजना लंबे समय से जारी थी, क्योंकि देश की राजधानी स्थित मौजूदा बुनियादी ढांचा अपर्याप्त है और साथ ही यह हमारे औपनिवेशिक अतीत से जुड़ा है.
Politics apart. When it comes to the pride of the nation, we acknowledge good deeds. Honble CM sir conveyed his best wishes to Hon’ble Prime Minister ji on the occasion of laying of foundation stone for the Grand Central Vista.
— Santosh Kumar J (@MPsantoshtrs)
केसीआर ने कहा कि नया सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पुनरुत्थान, आत्मविश्वास और शक्तिशाली भारत के आत्मसम्मान, प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होगा. मैं इस महत्वपूर्ण परियोजना के शीघ्र पूरा होने की कामना करता हूं. केसीआर ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा की है.
वहीं, केसीआर दूसरी तरफ विपक्षी दलों को बीजेपी के खिलाफ एकजुट करने की मुहिम भी चला रहे हैं. दिसंबर में केसीआर विपक्षी दलों की बैठक करने वाले हैं, जिसका एजेंडा केंद्र में मोदी सरकार की 'जन विरोधी' नीतियां रहेगा. केसीआर ने पिछले दिनों केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा था, 'केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साढ़े छह साल में देश के लिए कुछ नहीं किया है और असल में झूठे प्रचार और गलत नीतियों के साथ देश को पीछे की ओर धकेल दिया है.'
तेलंगाना में बीजेपी केसीआर के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है. पहले उपचुनाव में बीजेपी ने टीआरएस को मात दी और अभी हाल में हैदराबाद के निगम चुनाव में बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. ऐसे में केसीआर एक तरफ बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को लामबंद करने की कवायद कर रहे हैं, लेकिन अचानक उन्होंने यूटर्न ले लिया है और पीएम मोदी को नए प्रोजेक्ट के लिए बधाई दी है. ऐसे में सवाल उठता है क्या केसीआर का मन बदल गया है?
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी नई संसद की आधारशिला 10 दिसंबर को रखेंगे. 861.90 करोड़ रुपये की लागत से नए संसद भवन के निर्माण का ठेका टाटा को मिला था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि जब तक कोई फैसला आता है तब तक कोई निर्माण या कुछ भी तोड़फोड़ नही होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा शिलान्यास से हमें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन कोई निर्माण का काम आगे नही होना चाहिए.
बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद परिसर का निर्माण किया जाएगा. इसमें 876 सीट वाली लोकसभा, 400 सीट वाली राज्य सभा और 1224 सीट वाले सेंट्रल हॉल का निर्माण होगा. इसके अलावा सेंट्रल विस्टा में एक दूसरे से जुड़ी 10 इमारतों में 51 मंत्रालय बनाए जाएंगे. मंत्रालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए भूमिगत मार्ग भी बनाया जाएगा. राष्ट्रपति भवन के नजदीक प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के लिए नया निवास भी बनाया जाएगा. अभी प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के निवास स्थान राष्ट्रपति भवन से दूर हैं.