जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में गुरुवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में सेना के एक जवान हवलदार अली शेख शहीद हो गए. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के तेहट्टा सबडिविजन के पथरघाटा गांव में शोक की लहर फैल गई है.
परिवार के मुताबिक, अली शेख ने करीब 14 साल पहले सेना में नौकरी शुरू की थी. गुरुवार को दोपहर 12 बजे उनके बड़े भाई, जो खुद भी सेना में हैं, उन्होंने परिवार को अली की शहादत की खबर दी. यह सुनते ही घर में मातम पसर गया और परिजन फूट-फूट कर रो पड़े.
शहीद अली शेख ने 14 साल पहले सेना में नौकरी शुरू की थी
शहीद अली शेख की पत्नी अपने बेटे और बेटी के साथ आगरा में रहती हैं. सेना के अधिकारियों के अनुसार, उधमपुर के डूडा-बसंतगढ़ इलाके के लट्टी के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई. आतंकियों ने फायरिंग शुरू की जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया.
भारतीय सेना इस दुख की घड़ी में अली शेख के परिवार के साथ
भारतीय सेना के X हैंडल पर ट्वीट करते हुए व्हाइट नाइट कोर की ओर से लिखा गया कि हम झंटू अली शेख को सलाम करते हैं, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. उनके अदम्य साहस और उनकी टीम की वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. भारतीय सेना इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है
, Udhampur
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi)
Acting on specific intelligence, a joint operation with is underway in Basantgarh, Udhampur. During the firefight, Havildar Jhantu Ali Shaikh sustained critical injuries and later made the supreme sacrifice in the line of duty.…
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान उधमपुर के डूडू बसंतगढ़ में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरकर फायरिंग की.