scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: श्रम मंत्रालय के नाम पर बनी नकली वेबसाइट के झांसे में आए लोग

जब हमने इसकी जांच की, तो हमें पता लगा कि ये श्रम मंत्रालय के नाम पर बनी एक फर्जी वेबसाइट है. श्रम मंत्रालय इस तरह की कोई योजना नहीं चला रहा है.

X
फैक्ट चेक. फैक्ट चेक.

सोशल मीडिया पर कई सारे लोग ऐसा कह रहे हैं कि श्रम मंत्रालय अब एक नई योजना के तहत लोगों को एक लाख 55 हजार रुपये दे रहा है.

लेकिन जब हमने इसकी जांच की, तो हमें पता लगा कि ये श्रम मंत्रालय के नाम पर बनी एक फर्जी वेबसाइट है. श्रम मंत्रालय इस तरह की कोई योजना नहीं चला रहा है.

इस वेबसाइट को खोलने पर सबसे पहले नाम और जेंडर पूछा जाता है. आप भले ही इसका गलत जवाब क्यों न दे दें, यही लिख कर आएगा कि आप इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. इसके लिए बस आपको ये लिंक अपने 20 दोस्तों या 5 वॉट्सएप ग्रुप्स में शेयर करना होगा. ऐसा करने पर एक नया पेज खुलेगा जिस पर  ‘विदड्रॉ फंड्स’ यानी ‘पैसा निकालें’ लिखा होगा. 

इसके बाद एक ऐसा पेज खुलेगा जिसे आपका एंटीवायरस खतरनाक बताते हुए ब्लॉक कर देगा. आपके कंप्यूटर या फोन पर एंटीवायरस नहीं है, तो इससे आपका नुकसान भी हो सकता है.

बहुत सारे ठग इस तरह के तरीके अपना कर लोगों के फोन से अहम जानकारियां चुराते हैं. कई बार तो वो इन जानकारियों को बेचकर पैसा भी कमाते हैं. इसलिए अंजान लिंक्स पर क्लिक करने से हमेशा बचना चाहिए.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

1990 से 2021 के बीच नौकरी करने वालों को श्रम मंत्रालय एक लाख 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद दे रहा है.

निष्कर्ष

श्रम मंत्रालय ने ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की है. ये श्रम मंत्रालय के नाम पर बनी एक फर्जी वेबसाइट है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें