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फैक्ट चेक: वायरस से बचने के लिए नाक में नींबू का रस? ना.. ना.. ये करो ना!

एक नीबू का रस निकालिए और नाक के दोनों छिद्रों में तीन-तीन बूंद डाल लीजिए. पांच सेकेंड में ही ये रस आपके पूरे सिस्टम- नाक-कान-गला-हृदय- को एकदम शुद्ध कर देगा. जिसने भी ये प्रयोग किया है, मैंने ऐसे किसी भी व्य​क्ति को मरते हुए नहीं देखा और वो स्वस्थ हुआ है.

फैक्ट चेक फैक्ट चेक

कोरोना के इलाज और इससे बचने के अप्रमाणित नुस्खों में अब नीबू का रस नाक में डालने की विधि भी शामिल हो गई है. इस नुस्खे के तमाम वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं.  

ऐसा ही एक वीडियो है जिसमें एक तिलकधारी बाबा बता रहे हैं कि उन्हें कोरोना का रामबाण इलाज पता चल गया है. वे कहते हैं, “एक नीबू का रस निकालिए और नाक के दोनों छिद्रों में तीन-तीन बूंद डाल लीजिए. पांच सेकेंड में ही ये रस आपके पूरे सिस्टम- नाक-कान-गला-हृदय- को एकदम शुद्ध कर देगा. जिसने भी ये प्रयोग किया है, मैंने ऐसे किसी भी व्य​क्ति को मरते हुए नहीं देखा और वो स्वस्थ हुआ है. इस प्रयोग को जरूर करिए और जो ज्यादा ज्ञान दे रहे हैं, उनके ज्ञान को दूर रखिए क्योंकि उन्हीं के ज्ञान के चक्कर में बड़े-बड़े हॉस्पिटलों में लोग मर रहे हैं. जिसको कोरोना हो गया है उसको ये करवा दीजिए. उसका सारा सिस्टम सही हो जाएगा. ये दैवीय प्रेरणा है. मैंने स्वप्न के माध्यम से देखा है. बस नीबू का रस नाक में डालना है और सारे वायरस मर के तुरंत बाहर आ जाएंगे.” इस वीडियो में नीचे एक पट्टी पर लिखा है, ‘दो बूंद नीबू के रस से कोरोना खत्म हो जाएगा.’

इस वीडियो को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “दो बूंद नींबू के रस से कोरोना जरुर मरेगा”.  

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इसी तरह एक अन्य वीडियो में देवरिया यातायात उप निरीक्षक रामवृक्ष यादव ट्रैफिक पुलिस की सरकारी जीप के पास खड़े होकर लाउड स्पीकर के माध्यम से कोरोना संक्रमित लोगों को नीबू का रस नाक में डालने की सलाह देते नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे कहते हैं, “नीबू का रस नाक में डालने से कोरोना होगा नहीं. अगर किसी को कोरोना हो चुका है, तो वो बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा. मेरे कहने पर एक कोरोना पॉजिटिव लड़के ने ये प्रयोग किया और आधे घंटे में ही उसे राहत मिल गई. उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, वो भी दूर हो गई. हम जनपद देवरिया में हैं. यहां एक श्रेष्ठ अफसर ने भी ये प्रयोग किया और पूरे पुलिस महकमे को ये प्रयोग करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि जब नीबू का रस हम पी सकते हैं तो नाक में डालने में कोई दिक्कत नहीं है.”  

एक फेसबुक यूजर ने रामवृक्ष यादव का ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “Corona Positive या किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की नाक में नींबू के रस की तीन-तीन बूंद डालने से आशा से कहीं अधिक तेजी से रिजल्ट मिल रहे हैं, इसके रिजल्ट से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश देवरिया पुलिस के उच्चाधिकारी खुद इसका अनाउंसमेंट करवा रहे है इसलिए सभी से निवेदन है कि इस नुस्खे को अवश्य आजमाएं.”

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि नीबू का रस नाक में डालने से कोरोना संक्रमण ठीक होने या कोरोना से बचाव का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है. भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी इस दावे का खंडन किया है.  

पूर्व भाजपा सांसद और बिजनेसमैन विजय संकेश्वर ने भी हाल ही में कोरोना मरीजों के लिए ‘लेमन थेरेपी’ सुझाई थी. ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि नाक में नीबू का रस डालने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है और कोविड-19 बीमारी से बचाव होता है.

बहुत सारे लोग इस बात पर यकीन कर रहे हैं कि नीबू का रस नाक में डालने से कोरोना संक्रमण से बचाव होता है और इससे कोरोना संक्रमण ठीक होता है.

क्या है सच्चाई

भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने तिलकधारी बाबा वाले वीडियो को फर्जी बताते हुए लिखा, “इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नाक में नीबू का रस डालने से #Covid19 को खत्म किया जा सकता है.”

इसी तरह देवरिया पुलिस ने अपने आधिकारिक ​ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके बताया कि कोरोना मरीजों को नाक में नीबू डालने की सलाह देने वाले यातायात उप निरीक्षक रामवृक्ष यादव को चेतावनी दी गई है और इस मामले की जांच की जा रही है. देवरिया पुलिस का पूरा ट्वीट है- “यातायात उप निरीक्षक द्वारा जो उक्त वीडियो वायरल किया गया है वह अवांछनीय तथ्यों पर आधारित है, जिसके संबंध में sp deoria द्वारा कड़ी चेतावनी देते हुए जांच हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया है.”

क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन’ के मुताबिक, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नीबू हमें कोविड-19 बीमारी से बचा सकता है. हालांकि ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ खानपान में पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियां शामिल करने की सलाह देता है.

भारत के आयुष मंत्रालय के मुताबिक, काढ़ा या हर्बल चाय में नीबू का रस डालकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

लेकिन हमें किसी भी सरकारी दस्तावेज या शोध में इस बात का जिक्र नहीं मिला कि नाक में नीबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है या इसका इलाज किया जा सकता है.

पोषण पर काम करने वाली अमेरिकी संस्था ‘USAID Advancing Nutrition’ के मुताबिक, ‘नीबू का रस हमें कोविड-19 बीमारी से नहीं बचा सकता. नीबू क्या, खाने की कोई भी चीज अकेले अपने दम पर हमारी प्रतिरोधक क्षमता को नहीं बढ़ा सकती. हर उम्र के लोगों को विविधतापूर्ण आहार खाना चाहिए जिसमें फल-सब्जियां और पशुओं से मिलने वाले उत्पाद शामिल हों.’    

कुछ दिनों पहले कर्नाटक में नाक में नीबू का रस डालने के कुछ समय बाद बासवराज मालीपाटिल नाम के एक शिक्षक की मृत्यु हो जाने का मामला भी सामने आया था. ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में एक वकील व आरटीआई कार्यकर्ता ने पूर्व भाजपा सांसद और बिजनेसमैन विजय संकेश्वर के खिलाफ मुख्य सचिव से शिकायत की है.

पड़ताल से ये बात साफ हो जाती है कि नाक में नीबू का रस डालकर कोविड-19 बीमारी से सुरक्षित रहने या उससे ठीक होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

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सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

नाक में नीबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण नहीं होता है. अगर पहले से कोरोना संक्रमण है तो वो भी ठीक हो जाता है.

निष्कर्ष

इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि नाक में नीबू का रस डालने से कोरोना संक्रमण नहीं होता है या ठीक हो जाता है.

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