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कोरोनाः भारत में जानलेवा महामारी का खौफनाक और तीसरा चरण शुरू!

हमारे देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1500 के पार हो गई है तो वहीं 41 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. बाकि देशों के मुकाबले भारत में कोरोना का संक्रमण फैलने की दर कम है, पर स्थिति चुनौतीपूर्ण है.

पूरे देश में कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्या 1500 के पार जा चुकी है पूरे देश में कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्या 1500 के पार जा चुकी है

  • कोरोना वायरस ने भारत में भी बरपा रखा है कहर
  • भारत में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1500 के पार

चीन से निकले साइलेंट किलर ने पूरी दुनिया में मौत का तांड़व मचा रखा है. दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकडा 39 हजार को पार कर चुका है. पूरी दुनिया में एक वायरस ने ऐसा कोहराम मचाया है कि बड़े-बड़े शक्तिशाली मुल्कों ने घुटने टेक दिए. कभी चीन से शुरु हुआ कोरोना वायरस का कहर अब भारत भी झेल रहा है.

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हमारे देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1500 के पार हो गई है, तो वहीं 41 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. बाकि देशों के मुकाबले भारत में कोरोना का संक्रमण फैलने की दर कम है, पर स्थिति चुनौतीपूर्ण है. देश के लगभग सारे राज्य ही इस वायरस के चपेट में आ गए हैं. बड़ी तेजी से ये वायरस लोगों को अपना शिकार बना रहा है.

वुहान का नाम तो याद होगा आपको. चीन का वही शहर जहां से निकल कर कोरोना ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है. अब ठीक उसी कोरोना की तरह दुनिया के कई शहर भी धीरे-धीरे वुहान बनते जा रहे हैं. फिर चाहे वो इटली का शहर लोम्बार्डी हो, स्पेन की राजधानी मेड्रिड, लंदन या फिर न्यूयार्क. ये वो शहर हैं, जहां कोरोना ने सबसे ज्यादा लाशें बिछाई हैं. पर खतरे की ये बात ये है कि बस यही अकेले चंद ऐसे शहर नहीं हैं. बल्कि कोरोना की वजह से लगातार चीन के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में नए-नए वुहान शहर पैदा हो रहे हैं.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

कोरोना के आंकड़े बता रहे हैं कि दुनिया की सांसें अटकी हैं. और हालात बता रहे हैं कि हर देश कोरोना के कहर की कहानियां सुन-सुनकर दहला हुआ है. ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि दुनिया अगले कुछ महीनों में किस करवट बैठेगी. और अगर इस महामारी का इलाज नहीं मिला तो दुनिया का हुलिया अगले दो चार महीने बाद क्या होगा. क्योंकि बात अब हाथ से निकल चुकी है. दवा बन भी गई तो वो उतने लोगों तक नहीं पहुंच पाएगी. जितने नए मामले रोजाना की तादाद से बढ़ रहे हैं. और मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि 10 मार्च के बाद से हर रोज औसतन 1 हजार लोग कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं.

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