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सिसोदिया बोले- कोरोना से लड़ने का BJP लाई नया मॉडल, आपस में भिडेंगे राज्य

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध करवाने में केंद्र की भाजपा सरकार के लचर रवैये पर सवाल उठाया. इसके साथ ही राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध करवाने के बजाय केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को ग्लोबल टेंडर करने की नसीहत देने पर भाजपा की भर्त्सना की.

मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो) मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विदेशों को बेच दी गईं कोरोना वैक्सीन 
  • ग्लोबल टेंडर से आपस में लड़ेंगे राज्य 
  • दिल्ली में COVAXIN का स्टॉक खत्म

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा कोरोना से लड़ने का नया मॉडल लेकर आई है. भाजपा के अनुसार सारे राज्य अपना ग्लोबल टेंडर निकालें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक दूसरे से लड़ें. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सवाल किया है कि वैक्सीन के लिए दिल्ली ने ग्लोबल टेंडर क्यों नहीं दिया. इन्हें पता होना चाहिए कि केंद्र सरकार ने तो राज्यों के हिस्से की वैक्सीन विदेशों में बेच दी, लेकिन अब अपने राज्यों को नसीहत दे रही है कि राज्य खुद से ग्लोबल टेंडर के द्वारा विदेशों से वैक्सीन खरीदें और उसकी आपूर्ति के लिए आपस में प्रतियोगिता करके लड़ें.

मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज जब संकट के समय सभी राज्यों को साथ मिलकर इस महामारी से लड़ना है तो केंद्र में बैठी भाजपा राज्यों को आपस में लड़वाने पर तुली हुई है. केंद्र की भाजपा सरकार का कोरोना मैनेजमेंट मॉडल अपने राज्यों को वैक्सीन न देकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाने का है. यदि राज्य वैक्सीन की मांग करें, तो उन्हें ग्लोबल टेंडर का हवाला देकर गलाकाट प्रतियोगिता में झोंकना है, ताकि राज्य आपस में लड़े और केंद्र सरकार से सवाल न करें.

उन्होंने बताया कि अगर राज्य स्वयं वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर करेंगे, तो जल्दी से वैक्सीन पाने के लिए सभी राज्य वैक्सीन अलग-अलग कीमतों पर खरीदेंगे और ज़्यादा कीमत देने वाले राज्यों को पहले वैक्सीन मिलेगी, इससे राज्यों में आपस में प्रतिद्वंदिता की स्थिति उत्पन्न होगी और पूरे ग्लोबल मार्केट में भारत की खिल्लियां उड़ेंगी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार अपने देश के युवाओं को वैक्सीन लगाने का निर्णय मार्च में लेकर विदेशों को 6.5 करोड़ वैक्सीन नहीं बेचती तो वो वैक्सीन हमारे युवाओं को लग चुकी होती लाखों ज़िंदगियां बच जाती.

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COVAXIN का स्टॉक हुआ खत्म
आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने मंगलवार को वैक्सीन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में 18 से 45 उम्र तक के युवाओं के लिए कोवैक्सीन का स्टॉक आज खत्म हो चुका है. 125 से अधिक वैक्सीन केंद्रों को आज के बाद बंद करना पड़ेगा. दिल्ली में कोवीशील्ड का 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं के लिए सिर्फ तीन दिन का स्टॉक बचा है. केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की गई तो हमारे पास वैक्सीनेशन प्रोग्राम रोकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा.

उन्होंने बताया कि हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का 5 दिन और कोवीशील्ड का 4 दिन का स्टॉक उपलब्ध है. दिल्ली में अभी तक सबसे ज्यादा 10 मई को 1,39,261 लोगों को वैक्सीन लगाई गई हैं. उन्होंने कहा कि सूचना मिली है कि दिल्ली को कोवीशील्ड की 2,67,690 वैक्सीन आज शाम तक केंद्र सरकार की तरफ से मिल जाएंगी.

दो श्रेणी में हो रहा वैक्सीनेशन 
दिल्ली में अभी दो श्रेणी में वैक्सीनेशन हो रहा है. पहली श्रेणी में हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगायी जा रही है. इस श्रेणी के लिए दिल्ली को अभी तक 43,20,490 वैक्सीन मिली हैं. दिल्ली में 11 मई की सुबह तक इसमें से 39.22 लाख वैक्सीन लगायी जा चुकी हैं और 3.98 लाख वैक्सीन उपलब्ध हैं. इसके अलावा 18 से 45 वर्ष तक के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए दिल्ली को अभी तक कुल 5.50 लाख डोज मिली हैं, जिसमें कोवैक्सीन की 1.50 लाख और कोवीशील्ड की 4 लाख डोज शामिल हैं. इनमें से सोमवार की शाम तक 3.30 लाख वैक्सीन लगायी जा चुकी हैं और 2.19 लाख डोज मौजूद थीं.


 

 

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