आनंद महिंद्रा का ट्विटर (Anand Mahindra Twitter) अकाउंट प्रेरित करने वाली सैकड़ों कहानियों से भरा पड़ा है. इस बार उन्होंने गीता बालाकृष्णन की एक स्टोरी री-ट्वीट की है, जिन्होंने कोलकाता से दिल्ली की 1700 किमी की दूरी पैदल तय की है.
आर्किटेक्ट्स के लिए पैदल चली गीता
गीता बालाकृष्णन ने कोलकाता से दिल्ली की 1700 किमी की दूरी पैदल तय की है. उनके ट्वीट से पता चलता है कि समाज में आर्किटेक्चर और डिजाइन से जुड़ा काम करने वाले लोगों के योगदान को दुनिया की नजर में लाने के लिए उन्होंने ये पैदल मार्च किया है. उनके इस काम में महिंद्रा समूह ने भी सहयोग किया, जिसके लिए उन्होंने महिंद्रा का शुक्रिया भी अदा किया है.
To bring focus to Architecture & Design Fraternity & their role in society, I set out on a 1700km walk from to . A huge shoutout to for extending support through the Mahindra Scorpio which has become an inseparable part of the Campaign!
— Gita Balakrishnan (@gita_ethos)
कौन हैं गीता बालाकृष्णन?
गीता बालाकृष्णन के लिंक्डइन प्रोफाइल से पता चलता है कि वह Ethos और Acedge की फाउंडर हैं. अपने प्रोफाइल पर उन्होंने खुद को ‘पैदल चलता वास्तुकार’ (Architect on Foot) बताया है. गीता ने वर्ष 2002 में इथोस फाउंडेशन की शुरुआत की थी. ये फाउंडेशन पर्यावरण के बारे में जागरुकता फैलाने का काम करता है. साथ ही युवा डिजाइनरों, सिविल इंजीनियरों और उभरते पेशेवरों के लिए एक नेटवर्क बनाने का काम करता है. इसी के साथ उन्होंने 2018 में Acedge की शुरुआत की, जो एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है.
Mahindra Scorpio बनी साथी
गीता बालाकृष्णन की इस यात्रा में उनकी साथी बनी Mahindra Scorpio, दरअसल उनकी पूरी यात्रा के दौरान उनके साथ एक महिंद्रा स्कॉर्पियो पूरे रास्ते पर रही.
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