प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद को संबोधित करते हुए भारत और इजरायल के बीच गहरे संबंधों और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. मोदी ने दोनों सभ्यताओं के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, साथ ही तकनीकी, कृषि, और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की. इस अवसर पर उन्होंने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए द्विपक्षीय रिश्तों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला. यह भाषण भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है.