खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने का प्लान क्यों आखिरी वक्त में टला? क्या इजरायली धमकी है कारण

ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने और शोक समारोह को अचानक अगले आदेश तक टाल दिया है. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में तैयारियां जारी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों और इजरायल की कड़ी चेतावनी के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरानी शासन द्वारा चुना गया कोई भी नया नेता, जो इजरायल के खिलाफ नीति अपनाएगा, उसे निशाना बनाया जा सकता है. 

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खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने का प्लान आखिरी वक्त में टाल दिया गया है (Photo: AP ) खामेनेई को सुपुर्दे खाक करने का प्लान आखिरी वक्त में टाल दिया गया है (Photo: AP )

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

इजराइल और अमेरिकी हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में हर कोई परेशान है, अब उनके अंतिम संस्कार को लेकर अचानक आया एक फैसला चर्चा का विषय बन गया है. शोक समारोह और सुपुर्दे खाक की तैयारियों को ईरान ने आखिरी वक्त में अगले आदेश तक टाल दिया है. वैसे तो आधिकारिक तौर पर कहा गया कि तैयारियां जारी हैं, लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुपुर्दे खाक को अचानक रोकना पड़ा. 

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विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सुरक्षा से जुड़े गंभीर कारण हो सकते हैं. खासकर उस समय जब इजरायल की ओर से बेहद कड़ी चेतावनी दी गई है कि ईरानी शासन द्वारा नियुक्त किया जाने वाला कोई भी नया नेता अगर इजरायल के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाता है, तो वह उसके निशाने पर होगा .

अचानक टला सुपुर्दे खाक, क्या है आधिकारिक वजह

ईरान के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि अयातुल्ला खामेनेई के लिए आयोजित किए जाने वाले शोक समारोह को फिलहाल स्थगित किया गया है. उन्होंने बताया कि सुपुर्दे खाक की तैयारियां तेहरान में जारी हैं और जैसे ही हालात अनुकूल होंगे, नए कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के पार्थिव शरीर को रखने की व्यवस्था की जा रही है. यह वही विशाल परिसर है जहां ईरान के बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय आयोजन होते रहे हैं. आम तौर पर ईरान में सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल होते हैं, इसलिए सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए जाते हैं. लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं हैं. ईरान और इजरायल के बीच युद्ध अपने चरम पर है और यही वजह है कि अंतिम संस्कार को लेकर भी अभूतपूर्व सतर्कता बरती जा रही है.

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इजरायल की सख्त चेतावनी

इसी बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ का बयान माहौल को और ज्यादा गंभीर बना गया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरानी शासन द्वारा नियुक्त किया जाने वाला कोई भी नेता, जो इजरायल को खत्म करने की योजना को आगे बढ़ाएगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. काट्ज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरानी शासन का कोई भी नया नेता, जो इजरायल, अमेरिका और क्षेत्र के देशों को धमकाने की कोशिश करेगा या ईरानी जनता को दबाएगा, वह इजरायल के लिए स्पष्ट लक्ष्य होगा. उन्होंने यह भी कहा कि उस नेता का नाम क्या है या वह कहां छिपा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.इजरायल की सेना को पहले ही हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया जा चुका है. काट्ज़ ने बताया कि प्रधानमंत्री और उन्होंने मिलकर इजरायली रक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि वे हर संभव तरीके से मिशन को पूरा करने के लिए तैयार रहें.

खामेनेई की मौत के बाद बदलता समीकरण

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमला कर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला था. खामेनेई पिछले कई दशकों से ईरान की राजनीति और धार्मिक नेतृत्व का सबसे बड़ा चेहरा थे. उनकी मौत के बाद ईरान के भीतर सत्ता का नया समीकरण बनने लगा है. देश के धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा और वह किस तरह की नीति अपनाएगा. यही वजह है कि खामेनेई के सुपुर्दे खाक के साथ-साथ नए नेतृत्व की घोषणा को लेकर भी पूरी दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हुई हैं.

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क्या सुरक्षा कारणों से टला कार्यक्रम?

विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम संस्कार को टालने के पीछे सबसे बड़ा कारण सुरक्षा हो सकता है. अगर लाखों लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं तो ऐसे में किसी भी हमले का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा यह भी संभव है कि ईरान पहले नए सर्वोच्च नेता का चयन करना चाहता हो और उसके बाद ही अंतिम संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि सत्ता का संक्रमण बिना किसी अस्थिरता के पूरा हो सके. कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इजरायल की ओर से दी गई खुली चेतावनी ने ईरान को और ज्यादा सतर्क कर दिया है. ऐसे माहौल में किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित करना जोखिम भरा हो सकता है.

ईरान के भीतर गुस्सा और बदले की मांग

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के कई शहरों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं आयोजित कीं. बड़ी संख्या में लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए और बदला लेने की मांग की. ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी कहा है कि खामेनेई की मौत का जवाब दिया जाएगा. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी बड़े सैन्य कदम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान फिलहाल रणनीतिक धैर्य की नीति अपना सकता है और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए अपनी अगली चाल तय करेगा.

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मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता युद्ध पूरे मध्य पूर्व के लिए चिंता का विषय बन गया है. कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खामेनेई को सुपुर्दे खाक कब किया जाएगा और ईरान का नया सर्वोच्च नेता कौन बनेगा.आने वाले कुछ दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.अगर ईरान जल्द ही नए नेता की घोषणा करता है तो उसके बाद अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तय किया जा सकता है.वहीं दूसरी ओर इजरायल की ओर से दी गई चेतावनियां यह संकेत दे रही हैं कि क्षेत्र में तनाव फिलहाल कम होने वाला नहीं है.वैसे तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में तैयारियां जारी हैं और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं. 

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