दुश्मन के इलाके में इजरायल ने बनाया 'रेड जोन', सीजफायर लागू लेकिन बुलडोजर एक्शन जारी

वेस्ट एशिया में दो हफ्ते से युद्ध थमा हुआ है, लेकिन तनाव चरम पर बना हुआ है. इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों को सीमा के पास के क्षेत्र में जाने से मना किया है और लितानी नदी के आसपास पहुंचने से रोका है.

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इजरायल ने साउथ लेबनान में अपनी पहुंच और पकड़ बना रखी है. इजरायली सैनिक निवासियों को कई इलाकों में जाने से रोक रहे हैं इजरायल ने साउथ लेबनान में अपनी पहुंच और पकड़ बना रखी है. इजरायली सैनिक निवासियों को कई इलाकों में जाने से रोक रहे हैं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST

वेस्ट एशिया की जंग में दो हफ्ते से भले ही युद्ध न हो रहा हो, लेकिन तनाव चरम पर है. होर्मुज से लेकर ईरान-ईजरायल, लेबनान के बीच जो सीजफायर की स्थिति वह बहुत ही नाजुक दौर में है. इसी बीच इजरायल ने सोमवार को दक्षिणी लेबनान के निवासियों को सीमा के पास के एक क्षेत्र में न जाने और लितानी नदी के आसपास पहुंचने से बचने की चेतावनी दी है.

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इसे इस तौर पर देखा जा रहा है कि भले ही सीजफायर हो रखा है पर बावजूद इसके इजरायली सेना की पकड़ और पहुंच साउथ लेबनान में अभी भी काफी मजबूत है.

गुरुवार से लागू हुआ 10 दिन का सीजफायर
अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ 10 दिन का सीजफायर गुरुवार से लागू हुआ, जिससे इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच चल रही लड़ाई काफी हद तक थम गई. हालांकि इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान के अंदर तक तैनात हैं और नॉर्थ इजरायल को हिज्बुल्लाह के हमलों से बचाने के लिए बफर जोन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं हिज्बुल्लाह ने कहा है कि उसे "इजरायली कब्जे के खिलाफ विरोध जाहिर करने का हक" है.

लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने कहा कि वॉशिंगटन सीजफायर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. यह बयान उन्होंने लेबनान में अमेरिकी राजदूत से मुलाकात के बाद दिया. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, इस हफ्ते गुरुवार को लेबनान और इजरायल के बीच राजदूत लेवल की दूसरी बैठक होगी, जिसका हिज्बुल्लाह विरोध कर रहा है.

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इजरायल ने जारी किए नक्शे, कई गांवों में जाने पर रोक

इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा जारी किया है, जिसमें दक्षिणी लेबनान के 21 गांवों के बीच एक रेड लाइन खींची गई है. सेना ने कहा कि इस क्षेत्र और सीमा के बीच लोगों की आवाजाही बैन है. साथ ही 50 से ज्यादा गांवों में लौटने से भी लोगों को रोका गया है. सेना ने यह भी कहा कि लितानी नदी के आसपास जाने की परमिशन नहीं है. यह नदी भूमध्य सागर में मिलती है और सीमा से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में बहती है.

रविवार को जारी एक अन्य नक्शे में पहली बार लेबनान के अंदर 5-10 किलोमीटर तक इजरायली सेना की तैनाती दिखाई गई.

गांवों में तबाही, आरोप-प्रत्यारोप तेज

इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान के गांवों में तोड़फोड़ कर रही है. उसका कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ढांचे को निशाना बना रही है. एक इजरायली सैन्य अधिकारी के मुताबिक, हिज्बुल्लाह ने कई दशकों से नागरिक ढांचे में अपनी मौजूदगी बनाई हुई थी. वहीं, नबीह बेरी के सहयोगी और हिज्बुल्लाह समर्थक नेता अली हसन खलील ने आरोप लगाया कि सीजफायर के बाद 39 गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही की गई है. उन्होंने नागरिक घरों के नुकसान को 'स्पष्ट युद्ध अपराध' बताया.

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चर्च से जुड़ी घटना पर विवाद

सोमवार को एक तस्वीर सामने आई, जिसमें एक इजरायली सैनिक द्वारा दक्षिणी लेबनान के एक ईसाई घर में क्रूस तोड़े जाने का दावा किया गया. इस पर इजरायल, अमेरिका और चर्च से जुड़े अधिकारियों ने कड़ी निंदा की.

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि इजरायल के साथ बातचीत को वॉशिंगटन में पूर्व राजदूत साइमन करम लीड करेंगे. हालांकि एक सीनियर लेबनानी ऑफिसर ने कहा कि फिलहाल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सीधे बातचीत के हालात नहीं हैं. 2 मार्च से शुरू हुई इस लड़ाई में हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर सैकड़ों रॉकेट और ड्रोन हमले किए. इजरायल के मुताबिक, इन हमलों में 2 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 15 सैनिक लेबनान में मारे गए.

लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि इजरायली हमलों में करीब 2,300 लोग मारे गए हैं. वहीं मार्च के अंत तक हिज्बुल्लाह के कम से कम 400 लड़ाकों के मारे जाने की खबर है. हिज्बुल्लाह ने सोमवार को दावा किया कि उसके लगाए विस्फोटकों से साउथ लेबनान में इजरायली सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा, लेकिन इजरायल ने इसे खारिज किया. हालांकि उसने यह माना कि एक बख्तरबंद वाहन को नुकसान हो सकता है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.

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