'ईरान में ट्रंप ने हद पार कर दी...', मिडिल ईस्ट जंग पर क्या बोली अमेरिकी जनता

एसोसिएटेड प्रेस और NORC सर्वे के अनुसार, अमेरिका में 59% लोग मानते हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा हो गई है. करीब 60% लोग जमीनी सेना भेजने के भी खिलाफ हैं, जबकि 45% पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं. हालांकि, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लक्ष्य को दो-तिहाई लोग महत्वपूर्ण मानते हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता स्थिर है, लेकिन विदेश नीति और सैन्य फैसलों पर भरोसा सीमित नजर आ रहा है.

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करीब आधे अमेरिकी मानते हैं कि उन्हें ट्रंप के फैसलों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. (Photo: Reuters) करीब आधे अमेरिकी मानते हैं कि उन्हें ट्रंप के फैसलों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

अमेरिका में एसोसिएटेड प्रेस और एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के ताजा सर्वे में सामने आया है कि ज्यादातर अमेरिकी नागरिक मानते हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई हद से ज्यादा हो गई है. सर्वे के मुताबिक करीब 59% लोगों का मानना है कि यह कार्रवाई जरूरत से ज्यादा आक्रामक रही है.

यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किया गया युद्ध चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन यह संघर्ष उनकी सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है.

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सर्वे में यह भी सामने आया कि लगभग 45% अमेरिकी आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें वहन करने को लेकर 'बहुत ज्यादा' या 'काफी' चिंतित हैं. यह आंकड़ा पहले 30% था, जब ट्रंप ने दोबारा चुनाव जीतने के बाद अर्थव्यवस्था सुधारने और महंगाई कम करने का वादा किया था.

हालांकि, ट्रंप के एक अहम लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को लेकर लोगों में समर्थन भी दिखा. करीब दो-तिहाई अमेरिकी इसे बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं. वहीं, उतने ही लोग तेल और गैस की कीमतों को बढ़ने से रोकने को भी प्राथमिकता दे रहे हैं, जो सरकार के लिए संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण बना सकता है.

राष्ट्रपति ट्रंप की कार्यशैली को लेकर करीब 40% अमेरिकी अभी भी संतुष्ट हैं, जो पिछले महीने के बराबर है. विदेश नीति पर उनकी रेटिंग थोड़ी कम जरूर है, लेकिन उसमें भी ज्यादा बदलाव नहीं आया है. ट्रंप ने ईरान को लेकर अपने अगले कदम साफ नहीं किए हैं, एक तरफ वह सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत की संभावना भी जता रहे हैं.

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60% लोग सेना भेजने के खिलाफ
सर्वे में यह भी सामने आया कि ज्यादातर अमेरिकी ईरान के खिलाफ और ज्यादा सख्त कदमों, जैसे जमीनी सेना भेजने, के खिलाफ हैं. करीब 60% लोग इस कदम का विरोध करते हैं. वहीं, ईरानी नेताओं या सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों को लेकर भी लोगों की राय बंटी हुई है.

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों ही पार्टियों के लोग पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रण में रखने को अहम मानते हैं. करीब 75% रिपब्लिकन और दो-तिहाई डेमोक्रेट इसे प्राथमिकता देते हैं. हालांकि गैस की कीमतों को लेकर चिंता डेमोक्रेट में ज्यादा है, करीब 60% डेमोक्रेट चिंतित हैं, जबकि रिपब्लिकन में यह आंकड़ा करीब 30% है.

परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर जनता सहमत
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के मुद्दे पर रिपब्लिकन ज्यादा सख्त रुख में हैं. करीब 80% रिपब्लिकन इसे बेहद जरूरी मानते हैं, जबकि डेमोक्रेट में यह आंकड़ा करीब आधा है. वहीं, इजरायल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को लेकर भी लोगों में ज्यादा समर्थन नहीं दिखा, सिर्फ 40% अमेरिकी इसे अहम मानते हैं.

ईरान की सरकार को बदलने के सवाल पर भी समर्थन कम है. केवल 30% लोग मानते हैं कि अमेरिका को वहां की सरकार बदलने की कोशिश करनी चाहिए. इसके अलावा, करीब 90% डेमोक्रेट और 60% निर्दलीय मानते हैं कि ईरान पर हमला 'हद से ज्यादा' हो गया है.

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ट्रंप पर विदेशों में सैन्य कार्रवाई को लेकर भरोसा भी सीमित नजर आया. करीब आधे अमेरिकी मानते हैं कि उन्हें ट्रंप के फैसलों पर 'बहुत कम' या 'बिल्कुल' भरोसा नहीं है. विदेश नीति पर ट्रंप की स्वीकृति दर करीब 34% है, जो पहले के आंकड़ों के समान ही है.

यह सर्वे 19 से 23 मार्च के बीच 1,150 वयस्कों पर किया गया, जिसमें त्रुटि की सीमा प्लस-माइनस 4 प्रतिशत अंक है.

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