2000 जवान तैनात, 1500 गिरफ्तारियां... महिला की मौत के बाद कैसे जल उठा US का मिनियापोलिस?

अमेरिका के मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोली से महिला की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है. मिनियापोलिस में 2 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात कर दिया गया है. अब तक 1,500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.

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अमेरिका के मिनियापोलिस में प्रोटेस्ट (Photo: AP) अमेरिका के मिनियापोलिस में प्रोटेस्ट (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:24 AM IST

अमेरिका के मिनेसोटा के मिनियापोलिस में जमकर बवाल हो रहा है. इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट (ICE) एजेंट की गोली में एक महिला की मौत होने पर ये बवाल हो रहा है. लोग सड़कों पर उतर आए हैं और ICE के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. मिनियापोलिस के कई अधिकारियों ने भी ICE एजेंट को मिनेसोटा छोड़ने को कहा है. हालात बिगड़ते देख स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं.

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ये सारा बवाल तब शुरू हुआ, जब गुरुवार को एक ICE एजेंट की गोली से 37 साल की रेनी गुड की मौत हो गई. रेनी गुड तीन बच्चों की मां थी. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने दावा किया है कि वह महिला दंगाई थी और उसने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ICE एजेंट का बचाव किया है.

वहीं, महिला की मौत के बाद से मिनियापोलिस में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. प्रदर्शनकारी ICE एजेंट को बाहर जाने की मांग पर अड़े हैं. इसी बीच DHS की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा कि एजेंट कहीं नहीं जाएंगे.

हालात बिगड़ने के बाद DHS ने इलाके में 2 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात कर दिया है. इसे इमिग्रेशन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन बताया जा रहा है. क्रिस्टी नोएम ने बताया कि मौजूदा प्रदर्शनों में अब तक 1,500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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मिनियापोलिस में हो क्या रहा है?

रेनी गुड की मौत के बाद मिनियापोलिस में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं. बताया जा रहा है कि दर्जनों प्रदर्शनकारी गुरुवार को एक फेडरल बिल्डिंग के बाहर इकट्ठा हुए, जो इमिग्रेशन क्रैकडाउन के लिए बड़ा बेस है.

प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'नो मोर ICE' और 'गो होम नाजीस' जैसे नारे लगाए. इस दौरान बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारियों ने उन्हें गेट से पीछे धकेला, उन पर पेपर स्प्रे किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

प्रदर्शनों में शामिल शांता हेजमादी ने कहा, 'हमें डरना चाहिए. हमें चिंता होनी चाहिए कि हमारी सरकार अपने नागरिकों के खिलाफ युद्ध छेड़ रही है. हमें बाहर निकलकर इसका विरोध करना चाहिए. और हम कर भी क्या सकते हैं?'

वहीं, प्रदर्शनों के बीच लोग डरे हुए हैं. कुछ लोगों का मानना है कि 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद जैसा बवाल हुआ था, वैसा ही इस बार भी हो सकता है. लोग अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करा रहे हैं, खाने-पीने का सामान भर रहे हैं और कैश निकाल रहे हैं.

बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारी मिनियापोलिस में जगह-जगह पेट्रोलिंग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारियों पर चिल्ला रहे हैं. एक प्रदर्शनकारी ने चिल्लाते हुए कहा, 'बॉर्डर पेट्रोल को बॉर्डर पर होना चाहिए.'

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वीडियो आते ही भड़क गई हिंसा

ICE एजेंट की गोली में रेनी गुड की मौत का वीडियो वायरल होने के बाद हिंसा भड़क गई. इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि ICE एजेंट महिला की गाड़ी का पीछा करते हुए उसे रोकते हैं. 

गाड़ी रुकने के बाद ICE के एजेंट उसे घेर लेते हैं. एक एजेंट उसकी कार के ठीक सामने खड़ा होता है, अपनी बंदूक निकालता है और तुरंत पास से कम से कम दो गोलियां चलाता है, जैसे ही गाड़ी उसकी ओर बढ़ती है, वह पीछे कूद जाता है.

FBI करेगी मामले की जांच

इस पूरे मामले की जांच FBI को सौंपी गई है. स्टेट को इस जांच से बाहर रखा गया है. मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने मांग की है कि इस जांच में स्टेट को भी शामिल किया है. उनका कहना है कि स्टेट शामिल होगा तभी राज्य के लोगों को भरोसा होगा कि जांच निष्पक्ष हो सकती है. 

राज्य को भी जांच में शामिल करने की मांग करते हुए टिम वाल्ज ने कहा, 'मैं यह केवल इसलिए कह रहा हूं क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों ने पहले ही फैसला सुना दिया है, राष्ट्रपति से उपराष्ट्रपति तक क्रिस्टी नोएम तक, ने खड़े होकर आपको ऐसी चीजें बताई हैं जो झूठी हैं.'

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वहीं, DHS की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा कि इस मामले की जांच FBI ही करेगी. उन्होंने कहा कि स्टेट को इस जांच में शामिल होने का अधिकार नहीं है.

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