अमेरिका-इजरायल ने साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. जिसके बाद मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर जंग शुरू हो गई. जंग की आग एक महीने बाद भी धधक रही है. ईरान खाड़ी के मुल्कों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हमला कर रहा है. साथ ही इज़रायल पर भी ईरान ताबड़तोड़ हमले कर रहा है.
दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका बीते 29 दिनों से जंग लड़ रहा है, लेकिन उसे अब तक जीत नहीं मिली है. ईरान अमेरिका के सभी दावों को ख़ारिज करते हुए साफ कह दिया है कि सीजफायर उसके मनमुताबिक होगा.
आइए अब जानते हैं कि युद्ध की शुरुआत से लेकर, यानी बीते 29 दिनों में क्या-क्या हुआ.
28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर "एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन" ऑपरेशन शुरू किया. हमलों में ईरान के मिसाइल ठिकाने, हवाई सुरक्षा प्रणाली और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया. सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत दर्जनों बड़े अधिकारी मारे गए. जवाब में ईरान ने इजरायल के तेल अवीव और हाइफा के साथ-साथ खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर 170 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे. इजरायल में अलर्ट जारी हुआ और हजारों रिजर्व सैनिक बुलाए गए. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अभी-अभी अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़े युद्ध के काम शुरू कर दिए हैं. हमारा मकसद अमेरिका की रक्षा करना और इस खतरनाक सरकार से खतरा खत्म करना है. ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सकता. ईरानी लोगों से अपील है कि वे अपनी सरकार पर कब्जा कर लें.
1 मार्च: अमेरिका-इजरायल ने ईरान में 72 से ज्यादा और हमले किए जिनमें मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटर शामिल थे. ईरान ने इजरायल के बीत शेमेश और जेरूसलम के साथ खाड़ी देशों UAE, कतर और बहरीन पर भी मिसाइल-ड्रोन हमले जारी रखे. लेबनान में हिजबुल्लाह हाई अलर्ट पर आ गया और इजरायल ने वहां पहले से हमले कर दिए. गाजा में सहायता पहुंचाने के रास्ते बंद कर दिए गए. ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध चार से पांच हफ्ते तक चल सकता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ज्यादा समय भी लग सकता है. ईरानी लड़ने में कमजोर हैं लेकिन बातचीत करने में बहुत चतुर हैं.
2 मार्च: हिजबुल्लाह ने 2024 का संघर्षविराम तोड़ते हुए इजरायल के हाइफा इलाके पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए. जवाब में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में 70 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए. हिजबुल्लाह के खुफिया प्रमुख हुसैन मकलेद मारे गए. 50 से ज्यादा गांवों को खाली कराने के आदेश दिए गए. ट्रंप ने कहा कि शायद मैंने ही इजरायल को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया हो. हमने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि खतरा बहुत बड़ा था.
3 मार्च: हिजबुल्लाह ने इजरायल के रामत डेविड एयरबेस, मेरॉन बेस और कैंप यित्जाक पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. इजरायल ने बेरूत और दक्षिण लेबनान में भारी बमबारी की. सफेद फॉस्फोरस इस्तेमाल किए जाने की खबरें आईं. ईरान पर हमले भी जारी रहे. ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब लॉन्चर बहुत कम बचे हैं. हमारी रक्षा कंपनियों को जल्दी-जल्दी ऑर्डर दिए जा रहे हैं.
4 मार्च: हिजबुल्लाह ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव और तेल-गैस के बुनियादी ढांचे पर हमले किए. इजरायल ने 250 से ज्यादा हमले कर 50 से अधिक लोगों को मार गिराया और दक्षिण लेबनान में जमीनी सेना बढ़ा दी. लिटानी नदी के दक्षिणी इलाके को खाली कराने के आदेश दिए गए.
5 मार्च: हिजबुल्लाह ने 210 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाके बुर्ज अल-बराजनेह पर हमले किए. संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना के मुख्यालय पर भी हमला हुआ जिसमें घाना के 3 शांति सैनिक घायल हुए.
6 मार्च: हिजबुल्लाह ने गोलान हाइट्स और हाइफा पर रॉकेट और तोपखाने से हमले किए. इजरायल ने बेरूत की 10 ऊंची इमारतों पर बमबारी की. इजरायल के 8 सैनिक घायल हुए.
7 मार्च: हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर मिसाइल हमले जारी रखे. इजरायल ने लेबनान के नबी चित पर हमला कर 41 से ज्यादा लोगों को मार गिराया जिनमें 3 लेबनानी सेना के जवान भी शामिल थे.
8 मार्च: इजरायल ने बेरूत के रामादा होटल पर हमला कर ईरान की कुद्स फोर्स के 4 कमांडर मार गिराए. हिजबुल्लाह ने टैंक रोधी हमले में इजरायल के 2 सैनिकों को मार दिया.
9 मार्च: नबी शीत इलाके में इजरायली हेलीकॉप्टर उतरने की कोशिश के दौरान हिजबुल्लाह से मुठभेड़ हुई. इजरायल ने अल-कर्ड अल-हसन संस्था पर हमला किया. ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा. हम कई मायनों में पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन अभी पूरी जीत नहीं हुई है.
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10 मार्च: हिजबुल्लाह और ईरान ने मिलकर हाइफा इलाके पर क्लस्टर बम से हमले किए. इजरायल ने 6 गांवों को खाली कराने के आदेश दिए. ट्रंप ने कहा कि युद्ध लगभग पूरा हो गया है. लेकिन हम और भी ज्यादा मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं.
11 मार्च: इजरायल ने ईरानी कमांडर अली मुसल्लम तबाजा को मार गिराया. लेबनान में 6 और गांवों को खाली कराया गया.
12 मार्च: दोनों तरफ से हवाई हमले और मिसाइल हमले जारी रहे. लेबनान में इजरायली हवाई हमले और हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले चलते रहे.
13 मार्च: इजरायल ने बुर्ज कलाउइया स्वास्थ्य केंद्र पर हमला कर 12 लोगों को मारा जिनमें मेडिकल टीम के सदस्य भी शामिल थे.
14 मार्च: इजरायल ने बेरूत के बुर्ज हम्मौद समेत लेबनान में कई जगहों पर हमले किए. एक व्यक्ति की मौत हुई और 4 घायल हुए. ईरान पर हमले जारी रहे.
15 मार्च: इजरायल ने हिजबुल्लाह के कई शीर्ष नेताओं को हमले में मार दिया. गाजा में इजरायली सेना ने हमास के एक खुफिया अधिकारी को मारा.
16 मार्च: इजरायल ने दक्षिण लेबनान में जमीनी अभियान शुरू किया. हिजबुल्लाह ने इजरायल के नाहारिया और किब्बुत्ज काबरी पर रॉकेट हमले किए.
17 मार्च: इजरायल ने दूसरी डिवीजन तैनात करते हुए दक्षिण लेबनान में जमीनी हमला और तेज कर दिया. दुनियाभर से बयान आए कि जमीनी हमला रोका जाए.
18 मार्च: इजरायल ने बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत पर हमले किए. 10 से ज्यादा लोग मारे गए और 27 घायल हुए.
19 मार्च: ईरान ने इजरायल पर 12 मिसाइल बैराज दागे, जिसमें क्लस्टर मुनिशन का इस्तेमाल रिपोर्ट हुआ. इजरायल में सायरन बजे, कुछ इलाकों में क्षति और घायल हुए. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने ईरान के गैस फील्ड्स पर हमले रोके. लेबनान में IDF ने दक्षिणी इलाकों (खियाम, मार्जायौन) में एडवांस जारी रखा. हिजबुल्लाह ने इजरायली फोर्सेस से लड़ाई की और रॉकेट-ड्रोन अटैक्स किए.
20 मार्च: ईरान ने इजरायल पर 11 मिसाइल बैराज दागे, बीत शेमेश, रमल्लाह, रेहोवोत और जेरूसलम एरिया में प्रभाव. 70 फीसदी हमलों में क्लस्टर मुनिशन का इस्तेमाल, कुछ घायल लेकिन बड़े नुकसान नहीं. इजरायल ने लेबनान के बेरूत (दक्षिणी उपनगरों) में हिजबुल्लाह टारगेट्स पर एयरस्ट्राइक्स किए, कई इलाकों में इवैक्यूएशन वार्निंग जारी. हिजबुल्लाह ने 45 से ज्यादा अटैक्स क्लेम किए, जिसमें रॉकेट और क्लैश शामिल. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हम अपने लक्ष्यों के बहुत करीब पहुंच गए हैं. अब हम अपने सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहे हैं.”
21 मार्च: हिजबुल्लाह के मोर्टार हमले में इजरायल के 2 सैनिक घायल हुए.
22 मार्च: इजरायल ने लिटानी नदी के पुल और कास्मीयेह ब्रिज तबाह कर दिए. इजरायल के 7 सैनिक घायल हुए.
23 मार्च: इजरायल ने दल्लाफा ब्रिज नष्ट किया. लेबनान सरकार ने ईरानी राजदूत को देश से निकालने का ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि ईरान बहुत जल्दी डील करना चाहता है. बातचीत बहुत अच्छी चल रही है. हम इस युद्ध में जीत चुके हैं.
24 मार्च: इजरायल ने दक्षिण लेबनान पर लिटानी नदी तक कब्जे का ऐलान किया. हिजबुल्लाह ने एक इजरायली नागरिक को मारा.
25 मार्च: इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दक्षिण लेबनान में एक सुरक्षा बफर जोन बनाने की मांग रखी. ईरान ने कहा कि सीजफायर तभी होगा जब लेबनान की लड़ाई पूरी तरह बंद होगी.
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26 मार्च: हिजबुल्लाह ने इजरायल के 2 सैनिक और 1 नागरिक मारे. इजराइल ने बफर जोन बढ़ाने के लिए और सैनिक भेजे. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान डील करने के लिए बहुत मिन्नतें कर रहा है. मैंने पावर प्लांट्स पर हमले 10 दिन (6 अप्रैल तक) के लिए रोक दिए हैं क्योंकि बातचीत अच्छी चल रही है. ईरान को जल्दी गंभीर होना चाहिए, वरना बहुत देर हो जाएगी.”
27 मार्च: इजरायली सेना नकौरा से आगे बढ़कर बयादा की तरफ बढ़ी. हिजबुल्लाह ने एक टैंक पर हमला किया. ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध बहुत साहसी और ऐतिहासिक है. मिडिल ईस्ट जल्द ही ईरान के परमाणु ब्लैकमेल से आजाद हो जाएगा. हमने ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. उन्होंने NATO पर भी नाराजगी जताई और कहा कि युद्ध अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, अभी भी हजारों टारगेट बाकी हैं.
28 मार्च: लेबनान में इजरायली सेना का आगे बढ़ना और हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले जारी हैं. ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और ईरान के जवाबी हमले भी जारी हैं. गाजा में संघर्षविराम ज्यादातर टिका हुआ है लेकिन छिटपुट इजराइली अभियान जारी हैं. युद्ध अभी भी चल रहा है.
अनुराग कश्यप