US Iran War News Live: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली सैन्य जंग का रूप ले चुका है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हफ्ते ईरान पर तीसरे दौर के हमलों की पुष्टि की है. दूसरी तरफ ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार, बंदर-ए-देयर और असालुयेह समेत कई तटीय शहरों में धमाके हुए हैं. इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराया है.
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल सप्लाई, समुद्री व्यापार और पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा पर पड़ सकता है. अमेरिका, ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आपको इस लाइव ब्लॉग में लगातार मिलती रहेगी.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान के दुक्म पोर्ट पर अमेरिकी विमानवाहक पोतों (Aircraft Carriers) के लिए इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर और ईंधन भरने वाले प्लेटफॉर्म पर "भारी हमला" किया है. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, IRGC का दावा है कि हमले में इन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया.
IRGC ने कहा कि ओमान में की गई यह कार्रवाई अमेरिका की बमबारी के जवाब में शुरू किए गए उसके जवाबी अभियान का तीसरा चरण है. संगठन ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो ईरान की जवाबी कार्रवाई भी और तेज हो सकती है.
ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने लिखा, "एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है. हमने पहले ही कहा था, या तो अपना वादा निभाइए या फिर इसकी कीमत चुकाइए. अब हकीकत सामने है."
गालिबाफ ने अपने पोस्ट के साथ समझौते (MoU) के अनुच्छेद-5 की तस्वीर भी साझा की, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और वहां व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी ईरान की बताई गई है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट के नियंत्रण और जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है.
ईरान का कहना है कि जब भी अमेरिका उसके ठिकानों पर हमला करता है, वह उन सैन्य अड्डों को निशाना बनाता है जहां से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. ईरान का आरोप है कि खाड़ी के कुछ अरब देश अमेरिका की मदद कर रहे हैं. हालांकि, उसका कहना है कि वह आम नागरिकों या रिहायशी इलाकों पर नहीं, बल्कि सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहा है.
ईरान ने दोहराया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण बना रहेगा और उसने इसे बंद घोषित कर दिया है. तेहरान का कहना है कि जो भी जहाज ईरान से तालमेल किए बिना स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा. ईरान के मुताबिक, ऐसे जहाज उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ माने जाएंगे और उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि इस हफ्ते ईरान पर तीसरे दौर के हमले पूरे कर लिए गए हैं. CENTCOM के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले जहाज पर हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई. अमेरिका का दावा है कि इस बार करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन साइट, नौसैनिक ठिकाने, गोला-बारूद भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल हैं.
CENTCOM ने यह भी कहा कि पिछले तीन दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले की उसकी क्षमता को कमजोर किया जा सके. अमेरिकी सेना का यह भी दावा है कि मई की शुरुआत से अब तक उसने 800 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कराने में मदद की है, जिनमें करीब 40 करोड़ बैरल तेल ले जा रहे जहाज भी शामिल थे.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कतर स्थित अमेरिकी अल उदीद एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. IRGC के मुताबिक, इस हमले में लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस और रिपेयर सेंटर के साथ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भी निशाना बनाया गया.
वहीं कतर के रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर दागी गई मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया. मंत्रालय ने हमले को नाकाम करने का दावा किया है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक और "नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज" को निशाना बनाकर उसकी आवाजाही रोक दी है. हालांकि, IRGC के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल की "आक्रामक कार्रवाई" जारी रही तो ईरान की प्रतिक्रिया "इससे भी ज्यादा विनाशकारी" होगी. संगठन का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ओमान सरकार पर दबाव बनाकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में जहाजों के लिए "गैरकानूनी समुद्री रास्ता" बनाने की कोशिश की. IRGC का दावा है कि उसकी नौसेना ने इस कोशिश को "निर्णायक जवाब" देकर रोक दिया.
IRGC ने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई सैन्य ठिकानों और संचार टावरों पर हवाई हमले किए. संगठन का कहना है कि इसके जवाब में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर हमला किया गया. IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने अपनी कार्रवाई जारी रखी तो उसे "इससे भी ज्यादा कड़ा जवाब" दिया जाएगा.
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई ड्रोन हमले किए हैं. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार साइट को विस्फोटक ड्रोन से निशाना बनाया गया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
ईरानी सेना ने कहा कि एक और ड्रोन हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार प्रणाली और रडार साइट को निशाना बनाया गया. सेना का कहना है कि ये कार्रवाई दक्षिणी ईरान में अमेरिका की लगातार हो रही हवाई स्ट्राइक के जवाब में की गई है. इससे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. IRGC के मुताबिक, इस हमले में एयरबेस का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन के हैंगर पूरी तरह नष्ट हो गए. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
IRGC ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अमेरिका ने ओमान पर दबाव बनाकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक "गैरकानूनी समुद्री रास्ता" बनाने की कोशिश की, जिसे उसकी नौसेना ने रोक दिया. संगठन ने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में हवाई हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे "इससे भी ज्यादा कड़ा जवाब" दिया जाएगा.
ईरानी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने कम से कम चार प्रांतों में सैन्य और व्यावसायिक ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं. बुशेहर, जास्क, सिरिक, बंदर अब्बास, कंगान, बंदर-ए-देयर और असालुयेह समेत कई शहरों में धमाकों की खबर है. बुशेहर का हमला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वहां ईरान का एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है. वहीं जास्क में कम से कम 10 धमाकों की सूचना मिली है.
दक्षिण-पूर्वी ईरान के कोनारक और आसपास के इलाकों में भी विस्फोट हुए हैं. जास्क और सिरिक जैसे शहर होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं. लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. वहीं तेहरान ने साफ कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो अमेरिका को "और भी करारा जवाब" दिया जाएगा.
बहरीन के गृह मंत्रालय ने देशभर में एयर रेड सायरन बजने की पुष्टि की है. मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी है.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी हुई है. यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई दे रहे धमाकों की आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की तरफ से मिसाइलों और ड्रोन को बीच रास्ते में नष्ट करने की वजह से हैं. फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने देश को निशाना बनाकर दागी गई एक मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया. मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है. फिलहाल हमले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.