US के F-35 फाइटर जेट की इमरजेंसी लैंडिंग, ईरान का दावा- हमने किया हमला

अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट F-35 को लेकर बड़ी सूचना सामने आ रही है. कॉम्बैट मिशन के दौरान इस स्टेल्थ जेट को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. इस फाइटर जेट की कीमत 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है.

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मिडिल ईस्ट में बड़ा घटनाक्रम, इमरजेंसी लैंडिंग को मजबूर हुआ अमेरिकी स्टेल्थ जेट. (File Photo: Getty) मिडिल ईस्ट में बड़ा घटनाक्रम, इमरजेंसी लैंडिंग को मजबूर हुआ अमेरिकी स्टेल्थ जेट. (File Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना के सबसे आधुनिक F-35 फाइटर जेट को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. कॉम्बैट मिशन के दौरान इस स्टेल्थ विमान को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिसके बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है. ये फाइटर जेट ईरान में सैन्य मिशन पर था. उसी समय ईरान की ओर से हमले का दावा किया गया. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, US सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ जेट ने मिडिल ईस्ट में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग की है. उन्होंने कहा कि पायलट सुरक्षित है. उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है. इस युद्ध में पहली बार होगा जब ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी विमान को निशाना बनाया है.

इस जंग में अमेरिका और इजरायल, दोनों ही F-35 जैसे अत्याधुनिक विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं. F-35 फाइटर जेट दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेल्थ जेट में गिना जाता है. इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है. यह विमान अपनी रडार से बचने की क्षमता और एडवांस्ड हथियार प्रणालियों के लिए जाना जाता है. यह घटना इस बात का संकेत है कि युद्ध अब जटिल होता जा रहा है.

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यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने अभियान में बड़ी सफलता का दावा कर रहा है. अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि इस संघर्ष में वो निर्णायक जीत हासिल करने की ओर हैं. ईरान की हवाई सुरक्षा प्रणाली लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. उसकी नेवी और एयरफोर्स भी पूरी तरह खत्म हो चुका है.

इसी के साथ ईरानी नौसेना से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है. इनमें मिसाइल से लैस युद्धपोत, सहायक जहाज, गश्ती नावें और गार्ड जहाज शामिल हैं, जो समुद्री सुरक्षा और हमलावर क्षमता का मुख्य आधार माने जाते हैं. इसके अलावा एक पोर्ट कमांड सेंटर भी निशाने पर रहा, जहां से नौसैनिक अभियानों की निगरानी किया जाता है. 

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