अमेरिका-इजरायल और ईरान की बीच संघर्ष दिन-व-दिन भीषण होता जा रहा है. अब जानकारी आ रही है कि अमेरिका ने ईरान के प्रमुख शहर इस्फाहान में एक बड़े हथियार गोदाम (ammunition depot) पर हमला किया है. इस हमले में 2000-पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) के भारी बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया है. इस हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है. साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस हमले से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है.
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका ने इस्फ़हान में एक प्रमुख गोला-बारूद डिपो पर 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है. इससे पहले भी अमेरिका ने 7-8 मार्च को वहां हमला किया था. ऐसे में एक बार फिर अमेरिका ने बंकर बस्टर हथियारों का इस्तेमाल कर वहां तबाही मचाई है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि हमले में बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर मुनिशन (penetrator munitions) तैनात किए गए, जिससे अंडरग्राउंड और मजबूत सुरक्षित ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस्फहान के हथियार डिपो को पूरी तरह नष्ट करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया है. ये बम जमीन के काफी नीचे बने कंक्रीट के ढांचों को भेदने की क्षमता रखते हैं. इस्फहान में मौजूद हथियारों के भंडार को निशाना बनाने का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है. इस हमले के बाद पूरे इलाके में जबरदस्त धमाकों की गूंज सुनाई दी.
यहां देखें वीडियो
वहीं, हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान के इस्फहान में हुए सिलसिलेवार धमाकों का एक वीडियो पोस्ट किया है. वीडियो में रात के अंधेरे में आसमान की ओर उठती आग की लपटें और धुएं का विशाल गुबार साफ देखा जा सकता है. उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि इस घटना के बाद से मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव को और बढ़ सकता है.
इस्फहान से आए इस वीडियो में विस्फोट इतने भीषण हैं कि उनकी रोशनी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है. धमाकों की गूंज और उसके बाद लगी आग ने इस्फहान के सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, अभी तक इन धमाकों के पीछे के कारणों या जान-माल के नुकसान का कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन ट्रंप द्वारा इसे पोस्ट करना इस घटना की गंभीरता को दिखाता है.
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