एक तरफ सीजफायर की बात, दूसरी ओर पेंटागन मिडिल ईस्ट भेज रहा हजारों सैनिक, क्या है प्लान?

ट्रंप के सीजफायर और शांति मिशन के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य पकड़ मजबूत करने के लिए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के खतरनाक सैनिकों को भेजने का फैसला किया है.

Advertisement
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी घेराबंदी (File Photo: AP) मिडिल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी घेराबंदी (File Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:55 AM IST

मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक बहुत बड़ा सैन्य कदम उठाया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर प्लान और शांति की कोशिशों की चर्चा है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी सेना अपनी सबसे खतरनाक यूनिट्स में से एक, '82वीं एयरबोर्न डिवीजन' के लगभग 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रही है. हालांकि, सैनिकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.

Advertisement

न्यूज एजेंसी AP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये सैनिक आने वाले कुछ ही दिनों में क्षेत्र के लिए रवाना हो जाएंगे. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन को अमेरिकी सेना का इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स माना जाता है. इनकी खासियत यह है कि इन्हें बहुत कम समय में दुनिया के किसी भी कोने में तैनात किया जा सकता है.

इस टुकड़ी में प्रथम ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के साथ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमेयर भी शामिल होंगे. इन्हें 'इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स' कहा जाता है क्योंकि ये बहुत कम समय में एक्शन के लिए तैयार रहते हैं.

मिडिल ईस्ट में होने वाली इस तैनाती को लेकर दुनिया की बड़ी न्यूज एजेंसियों के अपने-अपने दावे हैं, जिससे सैनिकों की सटीक संख्या पर सस्पेंस बना हुआ है. जहां न्यूज एजेंसी AP ने अपनी रिपोर्ट में लगभग 1,000 सैनिकों के भेजे जाने की बात कही है, वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) का दावा कुछ और ही है. WSJ के मुताबिक, पेंटागन महज एक टुकड़ी नहीं, बल्कि 3,000 सैनिकों वाली पूरी यूनिट को तैनात करने का बड़ा आदेश जारी कर सकता है. रॉयटर्स ने भी WSJ के हवाले से इसी भारी-भरकम तैनाती की ओर इशारा किया है.

Advertisement

क्यों अहम है ये तैनाती?

पिछले हफ्ते ही अमेरिका ने 2200 मरीन सैनिकों को इस क्षेत्र की ओर रवाना किया था. मरीन सैनिकों का काम दूतावासों की सुरक्षा और नागरिकों को निकालना होता है, लेकिन 82वीं एयरबोर्न की तैनाती का मतलब है कि अमेरिका किसी भी युद्ध जैसी स्थिति या विवादित क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए बैकअप तैयार रख रहा है. माना जा रहा है कि ट्रंप के सीजफायर प्लान को जमीन पर उतारने और बातचीत के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने यह बड़ा सैन्य दांव खेला है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement