ब्रिटेन के समुद्री इलाके में एक महीने से क्यों छिपी थीं रूसी पनडुब्बियां! दो देशों ने मिलकर खदेड़ा

उत्तरी अटलांटिक में रूस की पनडुब्बियों की बढ़ती गतिविधियों के बाद ब्रिटेन और नॉर्वे ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस कार्रवाई के बाद रूसी पनडुब्बियां इलाके से हट गईं और समुद्री केबल-पाइपलाइन सुरक्षित बताए गए हैं. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री का कहना है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है.

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रूस की पनडुब्बियों पर ब्रिटेन और नॉर्वे ने साथ मिलकर बड़ा एक्शन लिया है (Photo: Royal Navy) रूस की पनडुब्बियों पर ब्रिटेन और नॉर्वे ने साथ मिलकर बड़ा एक्शन लिया है (Photo: Royal Navy)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST

ब्रिटेन ने एक बड़ा खुलासा किया है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया कि हाल ही में उत्तरी अटलांटिक समुद्र में रूस की पनडुब्बियों की गतिविधियां अचानक बढ़ गई थीं. इसके जवाब में ब्रिटेन और नॉर्वे ने मिलकर एक सैन्य ऑपरेशन चलाया जिसमें खास तरह की पनडुब्बियां तैनात की गईं. इस ऑपरेशन के बाद रूसी पनडुब्बियां ब्रिटेन के पानी से निकलकर उत्तर की तरफ चली गई हैं.

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उत्तरी अटलांटिक महासागर में ब्रिटेन के ऊपरी हिस्से का समुद्री इलाका बेहद अहम है. यहां से समुद्र के नीचे बिछे बड़े-बड़े केबल और पाइपलाइन गुजरते हैं जिन पर पूरे यूरोप की इंटरनेट और ऊर्जा व्यवस्था टिकी हुई है.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बाद से रूस की नौसेना की हरकतें यूरोप के आसपास बढ़ी हैं. इस बार रूसी पनडुब्बियां ब्रिटेन के पानी के करीब देखी गईं जो सीधे तौर पर एक चेतावनी जैसी थी. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री हीली ने कहा कि उन्हें जैसे ही इस बढ़ी हुई गतिविधि की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत अपनी सेना को तैनात करने का आदेश दिया.

ब्रिटेन और नॉर्वे ने मिलकर क्या किया?

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री हीली ने बताया कि इस ऑपरेशन में रिटेन और नॉर्वे दोनों ने साथ मिलकर काम किया. इस ऑपरेशन में खास तरह की पनडुब्बियां लगाई गईं जो रूसी पनडुब्बियों को ट्रैक करने यानी उनकी हर हरकत पर नजर रखने के लिए बनी होती हैं.

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हीली ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी सेना को आदेश दिया कि रूसी पनडुब्बियों को ट्रैक करो और उनकी किसी भी गलत हरकत को रोको. यह ऑपरेशन कामयाब रहा. रूसी पनडुब्बियां ब्रिटेन के पानी से निकलकर उत्तर की तरफ चली गईं.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली (Photo: AFP)

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केबल और पाइपलाइन को कोई नुकसान हुआ क्या?

सबसे बड़ा डर यह था कि रूसी पनडुब्बियां समुद्र के नीचे बिछे केबल या पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा सकती हैं. यूरोप में पिछले कुछ सालों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जब समुद्र के नीचे बिछे केबल अचानक टूटे और शक रूस पर गया. इसलिए इस बार भी यह डर स्वाभाविक था.

लेकिन रक्षा मंत्री हीली ने भरोसे के साथ कहा कि अभी तक का कोई सबूत नहीं है कि ब्रिटेन के किसी केबल या पाइपलाइन को कोई नुकसान पहुंचा हो. उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन की सेना अभी भी अपने आसपास के पूरे समुद्री इलाके में पनडुब्बियों पर नजर रखे हुए है.

यह मामला इतना अहम क्यों है?

यह सिर्फ दो-चार पनडुब्बियों की बात नहीं है. यह उस बड़े खेल का हिस्सा है जो रूस और पश्चिमी देशों के बीच चल रहा है. रूस पिछले काफी समय से यूरोप के समुद्री इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. 

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यूरोप के देश इसे अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानते हैं क्योंकि समुद्र के नीचे बिछे केबल से ही इंटरनेट चलता है और पाइपलाइन से गैस और तेल आता है. इन्हें नुकसान पहुंचाना पूरे यूरोप को हिला सकता है. ब्रिटेन ने इस बार जो कदम उठाया वो एक साफ संदेश है कि वो अपने समुद्री इलाके में किसी भी संदिग्ध हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा.

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