पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब समुद्री व्यापार पर भी भारी पड़ने लगा है. भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की कि इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है. एक अन्य भारतीय अभी लापता है. ये तीनों भारतीय नागरिक उन व्यापारिक जहाजों पर सवार थे, जिन्हें संघर्ष के दौरान निशाना बनाया गया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार को कुछ लोगों के हताहत होने की सूचना मिली है. उन्होंने बताया कि दो भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक अन्य भारतीय का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. उन्होंने कहा, "हमारे दो भारतीय नागरिक मारे गए हैं. एक नागरिक का अभी पता नहीं चल पा रहा है.''
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में कुछ भारतीय नागरिक घायल भी हुए हैं. उनका इलाज चल रहा है. दुबई में घायल हुआ एक भारतीय नागरिक फिलहाल अस्पताल में भर्ती है. रणधीर जायसवाल ने कहा, "आज सुबह आपने रिपोर्ट देखी होगी कि दुबई में एक भारतीय नागरिक घायल हो गया है. हमारा कॉन्सुलेट उनके संपर्क में है.''
पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. विदेश मंत्रालय ने इस इलाके में मौजूद भारतीयों से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए एक कंट्रोल रूम भी शुरू किया है. रणधीर जायसवाल ने बताया कि मंत्रालय को लगातार लोगों के फोन कॉल मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा, "हमने एक कंट्रोल रूम शुरू किया है. हमें भारतीय नागरिकों और उनकी सुरक्षा से जुड़ी बहुत सारी कॉल आ रही हैं. हम कॉल करने वाले लोगों को जरूरी मार्गदर्शन दे रहे हैं." दरअसल, हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव बढ़ने के साथ-साथ कमर्शियल शिपिंग पर खतरा भी काफी बढ़ गया है. होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थिति बेहद संवेदनशील है.
यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है. तनाव बढ़ने के बीच कई मर्चेंट शिप और तेल टैंकर हमलों की चपेट में आ चुके हैं. बुधवार को ही होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कम से कम तीन कमर्शियल जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया. कई जहाजों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ चुकी हैं.
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