ईरान से अमेरिका की जंग के बीच राष्ट्रपति ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है. एक बड़े ओहदे के ऑफिसर ने ईरान के साथ जंग में जाने की उनकी पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने ट्रंप को साफ-साफ कहा है कि, 'मेरा विवेक कहता है कि मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता. ईरान से हमारे देश को कोई तत्काल खतरा नहीं था, और यह साफ है कि हमने यह युद्ध इज़रायल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया है.'
केंट ने इस्तीफा ऐसे समय में दिया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य झड़पों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है.
उनका इस्तीफा ईरान वॉर की वजह से ट्रंप प्रशासन से होने वाली सबसे हाई-प्रोफ़ाइल विदाई में से है.
काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर के तौर पर जो केंट अमेरिका की एक अहम खुफिया एजेंसी का नेतृत्व कर रहे थे. उनका काम देश के लिए आतंकवादी खतरों पहचान की पहचान करना और उसका विश्लेषण करना था. लेकिन इसी अधिकारी ने कहा है कि फिलहाल ईरान अमेरिका के लिए कोई खतरा पैदा नहीं कर रहा था.
अमेरिका की यह एजेंसी अमेरिकी सरकार के कई विभागों के बीच आतंकवाद-रोधी इंटेलिजेंस के तालमेल में एक अहम भूमिका निभाती है. इनमें इंटेलिजेंस कम्युनिटी, पेंटागन और कानून लागू करने वाली एजेंसियां शामिल हैं.
अपने इस्तीफे का ऐलान करने के लिए जो केंट ने ट्रंप को एक पत्र लिखा और इसे एक्स पर डाला. इस पत्र में जो ने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों को समझाया है. इस पत्र में उन्होंने कहा कि हालांकि वे "उन मूल्यों और विदेश नीतियों का समर्थन करते हैं जिनके आधार पर आपने 2016, 2020और 2024 में चुनाव प्रचार किया था, लेकिन वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के राष्ट्रपति के फैसले से सहमत नहीं थे."
उन्होंने लिखा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि आप इस बात पर विचार करें कि हम ईरान में क्या कर रहे हैं, और किसके लिए कर रहे हैं. अब साहसी कदम उठाने का समय आ गया है. आप अपना रास्ता बदल सकते हैं और हमारे देश के लिए एक नया रास्ता खोल सकते हैं, या आप हमें और अधिक पतन और अराजकता की ओर फिसलने दे सकते हैं. सारी बागडोर आपके ही हाथों में है."
जो केंट के इस्तीफे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि मुझे हमेशा लगता था कि वह एक अच्छा इंसान है, लेकिन मुझे यह भी लगता था कि सुरक्षा के मामले में वह कमजोर है. जब मैंने उसका बयान पढ़ा, तो मुझे एहसास हुआ कि यह अच्छी बात है कि वह अब बाहर है, क्योंकि उसने कहा था कि ईरान कोई खतरा नहीं है.
जो केंट कौन हैं?
जो केंट को पिछले साल जुलाई में US सीनेट में एक कड़े मुकाबले वाले वोट के बाद इस पद के लिए मंजूरी मिली थी. सीनेट ने 52 वोटों के मुकाबले 44 वोटों से उनके नॉमिनेशन को मंज़ूर किया था.
उनकी नियुक्ति पर कुछ सांसदों ने सवाल उठाए थे, क्योंकि उनके अतीत में कुछ विवाद रहे थे और उन पर दक्षिणपंथी चरमपंथी गुटों से जुड़े होने के आरोप लगे थे.
ट्रंप प्रशासन में शामिल होने से पहले केंट ने राजनीति में अपना करियर बनाने की कोशिश की थी और वाशिंगटन राज्य में दो बार कांग्रेस का चुनाव लड़ा था हालांकि उनके दोनों ही चुनाव अभियान नाकाम रहे थे.
राजनीति में आने से पहले उन्होंने US सेना में 'ग्रीन बेरेट' के तौर पर सेवा दी थी और अपनी सेवा के दौरान 11 बार अलग-अलग जगहों पर तैनात रहे थे. सेना में अपना समय बिताने के बाद केंट ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी में काम किया.
जो केंट के इस्तीफे के बाद अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप की पॉलिसी पर बहस तेज हो सकती है.
रोहित शर्मा