अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य ऑपरेशन में अब तक ईरान के 48 राजनीतिक और सैन्य लीडर्स को मार गिराया गया है. उन्होंने इस सैन्य अभियान को बेहद सफल बताते हुए कहा कि इसकी प्रगति उम्मीद से कहीं तेज है. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज (Fox News) से बातचीत में कहा, 'कोई भी हमारी सफलता पर यकीन नहीं कर सकता. एक ही झटके में 48 नेता खत्म हो गए हैं और अभियान बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है.'
ट्रंप ने CNBC से एक अलग बातचीत में कहा कि ईरान में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई शेड्यूल से आगे है और बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी दावा किया कि ईरान का नया नेतृत्व अमेरिका से बातचीत के लिए संपर्क में है और उन्होंने संवाद के लिए सहमति दे दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने 'द अटलांटिक' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'नए ईरानी नेता बात करना चाहते हैं और मैंने बात करने पर सहमति दी है.'
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी शासन को पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था. उन्होंने कहा, 'ईरान पहले ही यह कर सकता था, लेकिन वे जरूरत से ज्यादा चालाकी दिखाते रहे. वहां लोग सड़कों पर खुशी से नारे लगा रहे हैं, लेकिन उसी समय बहुत सारे बम भी गिर रहे हैं.' ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है. इसे 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरानी के लिए सबसे बड़े और निर्णायक क्षणों में से एक माना जा रहा है.
ईरान के 9 जहाजों को समुद्र में डुबोया: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि हालिया हमलों में अमेरिकी बलों ने ईरान के 9 नौसैनिक जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है और उसके नौसैनिक मुख्यालय को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मुझे अभी जानकारी मिली है कि हमने ईरान के 9 नौसैनिक जहाजों को नष्ट करके समुद्र में डुबो दिया है, जिनमें से कुछ काफी बड़े और महत्वपूर्ण थे0 हम बाकी के पीछे भी जा रहे हैं, वे भी जल्द ही समुद्र की सतह के नीचे होंगे. एक अलग हमले में हमने उनके नौसैनिक मुख्यालय को काफी हद तक तबाह कर दिया है.'
यह भी पढ़ें: ईरानी अटैक में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत, इजरायल में 8 लोग मरे, US ने उतारा B-2 बॉम्बर!
इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के विभिन्न हिस्सों में जवाबी हमले शुरू किए हैं, जिनमें उन देशों को निशाना बनाया गया है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और सैनिक मौजूद हैं. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर ये हमले वहां के लोगों को इतिहास के सबसे क्रूर शासन से आजादी दिलाने के लिए किए गए हैं और अमेरिका सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए यह सैन्य कार्रवाई कर रहा है. बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो आवास से इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान के खिलाफ संघर्ष में उसके तीन सैनिक मारे गए हैं, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यूएस सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, '1 मार्च, 2026 की सुबह 9:30 बजे (ईटी) तक ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तीन अमेरिकी सैनिक संघर्ष के में मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हैं. कई अन्य को मामूली चोटें और कन्कशन हुआ है, जिन्हें उपचार के बाद ड्यूटी पर लौटाया जा रहा है. बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान जारी हैं और हमारी जवाबी कार्रवाई चल रही है.'
aajtak.in