होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई कार्गो जहाज पर बुधवार को हुए हमले के बाद थाईलैंड ने ईरान सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इस घटना के लिए आधिकारिक माफी की मांग की है. थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बैंकॉक में तैनात ईरानी राजदूत को बुलाकर इस घटना पर अपना “सबसे कड़ा विरोध” जताया है. आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस हमले में थाई कार्गो जहाज को सीधे निशाना बनाया गया था, जिससे उसमें आग लग गई.
विदेश मंत्रालय की डिप्टी परमानेंट सेक्रेटरी सिरिलक नियॉम ने ईरानी राजदूत नासेरद्दीन हैदरी से मुलाकात कर इस घटना के पूरे तथ्य साफ़ करने की मांग की.
मंत्रालय की ओर से ईरान से एक औपचारिक माफी जारी करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि इस तनावपूर्ण स्थिति को शांति से हल किया जा सके. इस संदर्भ में, ईरानी राजदूत ने घटना पर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि थाईलैंड की आपत्तियों को देश के उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जाएगा.
जहाज पर सवार 20 क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन तीन सदस्य अभी भी लापता हैं और उनकी खोज जारी है. थाई अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए नाविकों को शारीरिक चोट न होते हुए भी मानसिक तनाव हो सकता है, इसलिए उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने की योजना बनाई जा रही है.
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यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य की नाजुक सुरक्षा स्थिति को फिर से उजागर करती है और क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है. थाईलैंड ने साफ कर दिया है कि ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जल्द से जल्द मामले का न्यायसंगत समाधान चाहिए.
वहीं, दूसरी ओर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि खाड़ी के मुल्कों पर ईरान का हमला जारी रहेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी जहाज़ को जाने नहीं देंगे.
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