'संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे...', अमेरिका से तनाव के बीच वेनेजुएला की राष्ट्रपति से PM मोदी ने की बात

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत अमेरिका के साथ तनाव और तेल पर उसकी राजनीति के बीच अहम माना जा रहा है. बता दें कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज. (Photo: PTI/Reuters) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज. (Photo: PTI/Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ फोन पर बातचीत की और दोनों नेताओं ने भारत–वेनेजुएला द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और भविष्य में नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई. यह बातचीत उस समय हुई है जब निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को बंधक बनाए जाने के बाद वेनेजुएला और अमेरिका के संबंधों में तनाव चल रहा है. अमेरिका ने 3 जनवरी, 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक सैन्य ​अभियान चलाकर मादुरो को उनकी पत्नी के साथ बंधक बना लिया था. अमेरिकी सेना दोनों को लेकर न्यूयॉर्क आई थी, जहां वे कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी ने 'X' (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, 'मैंने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बात की. हम सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने पर सहमत हुए, और हमारा साझा लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.' यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में कच्चे तेल के विशाल भंडार पर नजर बनाए हुए हैं और उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं जो अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं कर रहे. इसमें भारत भी शामिल है.

वर्तमान में, राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ के अलावा रूस से तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा रखा है. व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि वह भारत को एक नए अमेरिका-नियंत्रित व्यवस्था के तहत वेनेजुएला का तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत-वेनेजुएला के बीच रुका हुआ व्यापार फिर से शुरू हो सकता है. हाल ही में, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका वर्तमान में स्टोरेज में रखे 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल वेनेजुएला के कच्चे तेल को बेचने की योजना बना रहा है, और भविष्य में होने वाले उत्पादन से अतिरिक्त तेल भी ऑफर करेगा.

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राइट ने बताया कि वेनेजुएला के तेल को फिर से निर्यात की अनुमति दी जाएगी, लेकिन केवल कड़े शर्तों के माध्यम से. राइट ने कहा, 'वेनेजुएला के तेल का अब निर्यात होने जा रहा है. फिर से, यह अमेरिकी सरकार द्वारा मार्केट किया जाएगा. पैसे अकाउंट में आएंगे.' यह बातचीत वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और भू-राजनीतिक बदलावों के संदर्भ में भारत की रणनीतिक स्थिति को दर्शाती है, खासकर जब अमेरिका वेनेजुएला में तेल क्षेत्र को निजीकरण और विदेशी निवेश के लिए खोलने पर जोर दे रहा है, जबकि भारत पर रूसी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.

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