पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है. पीएमएल-एन नेता मोहम्मद सफदर की गिरफ्तारी के बाद सिंध प्रांत के कई पुलिस अफसरों ने छुट्टी के लिए आवेदन किया है. सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महार ने सभी अधिकारियों से अपने छुट्टी को आवेदन को 10 दिन तक वापस लेने का आदेश दिया है.
मंगलवार देर रात सिंध पुलिस की ओर से कहा गया कि अधिकारियों की छुट्टी को वापस लेने का निर्णय बड़े राष्ट्रीय हित में लिया गया और पीएमएल-एन नेता मोहम्मद सफदर की गिरफ्तारी कैसे हुई, इसकी जांच जारी है. गौरतलब है कि सफदर की गिरफ्तारी के बाद सिंध पुलिस महानिरीक्षक समेत कई अफसरों ने छुट्टी के लिए आवेदन किया था.
विशेष शाखा एआईजी इमरान याक़ूब ने सिंध आईजीपी को एक चिट्ठी सौंपकर 60 दिनों की छुट्टी मांगी. छुट्टी मांगने वाले अधिकारियों ने कहा कि सफदर की गिरफ्तारी से उत्पन्न तनाव के कारण उनके लिए पेशेवर तरीके से कर्तव्यों का निर्वहन करना कठिन हो गया था. हालांकि, सभी लोगों की छुट्टी को कैंसिल कर दिया गया है.
गौरतलब है कि सिंध पुलिस का कहना है कि मोहम्मद सफदर को उनकी जानकारी के बिना गिरफ्तार किया गया, साथ ही जब ये अरेस्ट हुआ तो सिंध पुलिस के चीफ को कहीं घेर लिया गया था. उसी के बाद पाकिस्तानी आर्मी ने सीधा सफदर को गिरफ्तार कर लिया. इस वजह से सिंध पुलिस ने बगावती रुख अपना लिया और अफसर छुट्टी पर जाने लगे.
सिंध पुलिस ने मंगलवार देर रात ट्वीट करते हुए कहा कि 18/19 अक्टूबर की रात को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने सिंध पुलिस के सभी रैंकों के भीतर भारी नाराज़गी और आक्रोश पैदा किया. नतीजतन, सिंध आईजी ने छुट्टी पर जाने का फैसला किया और बाद में सभी रैंकों ने फैसला किया कि वे अपमान का विरोध करने के लिए छुट्टी पर जाएंगे.
छुट्टी के आवेदन करने वालों में विशेष शाखा एआईजी इमरान याक़ूब, फॉरेंसिक साइंस डिवीजन एआईजी डॉ. समीउल्लाह सोमोरो, काउंटर आतंकवाद विभाग डीआईजी ओमर शाहिद हामिद, मुख्यालय डीआईजी साकिब इस्माइल मेमन, हैदराबाद डीआईजी नईम अहमद शेख, पूर्वी क्षेत्र (कराची) डीआईजी कैप्टन (आर) असीम शामिल हैं.
हालांकि, बाद में सिंध प्रांत की सरकार ने पुलिस से अपील की और छुट्टियां वापस लेने को कहा. जिसके बाद अधिकतर अधिकारियों ने अपनी छुट्टी वापस भी ले ली. इस मामले में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने मंगलवार को आदेश दिया कि मोहम्मद सफदर की गिरफ्तारी क्यों और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जाए.
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