आसिम मुनीर के बाद अब शहबाज शरीफ ने टू-नेशन थ्योरी का राग अलापा, भारत के साथ संघर्ष पर कही ये बात

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 'अतीत के गौरव' को फिर से जिंदा करने और 'दुश्मन के झूठे घमंड को चकनाचूर करने' के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की सराहना की और उन्हें 'मजबूत किलेबंद दीवार' बताया.

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शहबाज ने भारत के साथ हालिया संघर्ष को बताया 'ऐतिहासिक जीत' शहबाज ने भारत के साथ हालिया संघर्ष को बताया 'ऐतिहासिक जीत'

सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बंटवारे की बुनियाद रही टू-नेशन थ्योरी का समर्थन किया है. साथ पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर की तरफ से दिए गए पिछले बयानों को दोहराया है. अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम शहबाज ने भारत के साथ चार दिन तक चले हालिया संघर्ष को पाकिस्तान की 'ऐतिहासिक जीत' बताया है, जिसे इस्लामाबाद ने 'मरका-ए-हक़' करार दिया है. भारत ऐसे दावों को खारिज कर चुका है और दिल्ली का कहना है कि ये ज़मीनी हालात से कोसों दूर हैं.

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'संघर्ष ने राष्ट्रीय भावना को जगाया'

पाकिस्तान की आजादी के 78 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर दावा किया कि मरका-ए-हक ने पाकिस्तान की आजादी की पवित्रता को मजबूत किया है और साथ ही एक नई राष्ट्रीय भावना को भी जगाया है.

उन्होंने 'अतीत के गौरव' को फिर से जिंदा करने और 'दुश्मन के झूठे घमंड को चकनाचूर करने' के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की सराहना की और उन्हें 'मजबूत किलेबंद दीवार' बताया है. शरीफ ने लिखा, 'यह महज एक सैन्य जीत नहीं थी, बल्कि टू-नेशन थ्योरी की मान्यता की जीत भी थी, जो हमारी प्रिय मातृभूमि की नींव है.'

ऑपरेशन सिंदूर के बाद PAK बौखलाया

भारतीय सेना की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भी भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम के सामने पाकिस्तान ड्रोन और मिसाइलें विफल साबित हुए. भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी का जवाब देते हुए भारतीय सेना में 300 किलोमीटर अंदर तक टारगेट करते हुए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे.

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आसिम मुनीर की गीदड़भभकी

शहबाज शरीफ के ताजा बयान जनरल आसिम मुनीर की ओर की गई टिप्पणियों से मिलते-जुलते हैं. सेना प्रमुख ने अप्रैल में पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित करते हुए ज़ोर देकर कहा था कि 'मुसलमान और हिंदू दो अलग-अलग राष्ट्र हैं', और कश्मीर को पाकिस्तान की 'गले की नस' बताया था.

आसिम मुनीर ने अपने संबोधन में कहा, 'हमारे पूर्वजों का मानना था कि हम जीवन के हर पहलू में हिंदुओं से अलग हैं, हमारा धर्म, हमारे रीति-रिवाज, हमारी जीवनशैली, यही टू-नेशन थ्योरी की नींव थी. हम दो राष्ट्र हैं.'

क्या है टू-नेशन थ्योरी?

द्वि-राष्ट्र सिद्धांत यानी टू-नेशन थ्योरी ही वह विचार था, जिसकी बुनियाद पर 1947 में भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ. थ्योरी के मुताबिक ब्रिटिश शासन में हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग राष्ट्र थे, जो शांति से साथ में रह नहीं सकते. पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा था कि हिंदू और मुसलमानों की सोच, रीति-रिवाज और कानून सब अलग-अलग हैं, इसी वजह से एक राष्ट्र बनाना मुमकिन नहीं है. दूसरी तरफ, भारत ने धर्मनिरपेक्षता और सबको साथ लेकर चलने का रास्ता चुना था.

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