पाकिस्तान में एक मौलाना की हत्या कर दी गई है. उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में चारसादा जिले के उत्मानजई इलाके में अनजान बंदूकधारियों ने मौलाना पर गोली चला दी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
शेख-उल-हदीस मौलाना मोहम्मद इदरीस जब 'दारुल उलूम उत्मानजई' में खुतबा (व्याख्यान) देने जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी.
इस हमले में मौलाना गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया. मौलाना के साथ मौजूद दो पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. अभी तक किसी भी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
आतंकवादियों ने की हत्या!
काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) और जिला पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि चार आतंकवादियों ने मौलाना को निशाना बनाया था. सेफ सिटी कैमरों की मदद से संदिग्धों की तस्वीरें मिल गई हैं और उनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है.
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने इस घटना को टारगेट किलिंग करार दिया है. उन्होंने दोषियों को जल्द सजा दिलाने का दावा भी किया. मौलाना इदरीस की मौत की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक अस्पताल और सड़कों पर जमा हो गए. लोगों ने इस हत्या के खिलाफ चारसादा शहर में मार्च निकाला और अहम सड़कों को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने 'फारूक-ए-आजम चौक' पर धरना दिया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.
कौन थे मौलाना इदरीस?
मौलाना इदरीस जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (F) के चारसादा जिला हेड थे. वो पार्टी प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के करीबी सहयोगी में शुमार किए जाते थे. उनके ससुर, प्रसिद्ध स्कॉलर मौलाना हसन जान की भी 2007 में हत्या कर दी गई थी. मौलाना हसन जान ने सशस्त्र संघर्ष का विरोध किया था, जिसकी वजह से TTP) ने उनका कत्ल कर दिया था.
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हत्या पर गहरा दुख जाहिर किया है. राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें देश का मनोबल नहीं गिरा सकतीं. वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने भी इस हमले की निंदा की है.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान का बड़ा खुलासा- ऑपरेशन सिंदूर में पाक सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ी लड़ाई
अवामी नेशनल पार्टी के अध्यक्ष ऐमल वली खान ने कहा कि ये घटना प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का सबूत है. उन्होंने सरकार से शांति बहाली के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है.
aajtak.in