हिजाब का समर्थन कर घिरे जोहरान ममदानी! लोगों ने पूछा- ईरानी महिलाओं पर अत्याचार नहीं दिखता

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी वर्ल्ड हिजाब डे पर किए गए एक आधिकारिक पोस्ट के बाद विवादों में घिर गए हैं. पोस्ट में हिजाब को मुस्लिम महिलाओं की आस्था और गर्व का प्रतीक बताया गया था.

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ईरान में हिजाब के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ममदानी के पोस्ट की कड़ी आलोचना हो रही है. (Photo: X/AFP) ईरान में हिजाब के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ममदानी के पोस्ट की कड़ी आलोचना हो रही है. (Photo: X/AFP)

aajtak.in

  • न्यूयॉर्क,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:38 AM IST

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी वर्ल्ड हिजाब डे को लेकर किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवादों में घिर गए हैं. उनके ऑफिस ऑफ इमिग्रेंट अफेयर्स द्वारा 'X' पर शेयर की गई पोस्ट में हिजाब को मुस्लिम महिलाओं की आस्था, पहचान और गर्व का प्रतीक बताया गया था. हालांकि, इस संदेश को ईरान में अनिवार्य हिजाब कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में असंवेदनशील बताया जा रहा है.

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सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया था, 'आज हम दुनियाभर की उन मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों की आस्था, पहचान और गर्व का जश्न मना रहे हैं, जो हिजाब पहनने का विकल्प चुनती हैं.' इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी, खासकर उन लोगों ने जिन्होंने ईरान में हिजाब न पहनने पर महिलाओं की गिरफ्तारी, पिटाई और मौतों की ओर इशारा किया.

ईरानी-अमेरिकी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने मेयर ममदानी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क जैसे आजाद शहर में वर्ल्ड हिजाब डे का जश्न मनाया जाना उनके लिए यातनापूर्ण है, जब ईरान में महिलाएं हिजाब से इनकार करने पर जेल भेजी जा रही हैं और मारी जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की पोस्ट उत्पीड़न करने वालों के साथ खड़े होने जैसा है और ईरान में महिलाओं के दमन पर जोहरान ममदानी की चुप्पी शर्मनाक है.

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फ्रांस के लेखक और दार्शनिक बर्नार्ड-हेनरी लेवी ने भी ममदानी के ऑफिस ऑफ इमिग्रेंट अफेयर्स हैंडल से हुए पोस्ट की आलोचना करते हुए इसके समय और संदेश पर सवाल उठाया. उन्होंने लिखा कि जब ईरान में हजारों महिलाओं को हिजाब न पहनने पर प्रताड़ित किया जा रहा है, तब ऐसे दिन का जश्न मनाना कैसे उचित हो सकता है. अन्य आलोचकों ने भी इस पोस्ट को महिलाओं के दमन का प्रतीक बताते हुए खारिज किया.

तुर्की-अमेरिकी अर्थशास्त्री तैमूर कुरान ने कहा कि हिजाब इस्लाम के भीतर भी एक विवादास्पद प्रतीक है और कई देशों में इसे गर्व नहीं बल्कि उत्पीड़न के रूप में देखा जाता है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी एक धार्मिक पोशाक का सरकारी स्तर पर महिमामंडन धार्मिक पक्षपात को बढ़ावा दे सकता है. यह विवाद ममदानी के उन पुराने बयानों से भी जुड़ रहा है, जिनमें उन्होंने 9/11 के बाद अमेरिका में मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ बढ़े भेदभाव का जिक्र किया था. 

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