ईरान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को अपना सुप्रीम लीडर चुन लिया है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में अपनी भूमिका निभाने पर विचार व्यक्त किया था, लेकिन ईरान ने इस पर कड़ा विरोध जताया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
एनबीसी के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा, 'हम किसी को भी हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देते. ये ईरानी लोगों का मामला है कि वो अपने नए नेता का चुनाव करें.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'ये केवल ईरानी लोगों का व्यवसाय है, और किसी और का नहीं.'
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी राजनीतिक व्यवस्था और नेतृत्व के चयन को लेकर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है. अराघची के बयानों से ये साफ है कि ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमले के रूप में देख रहा है.
ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वो ईरान के लिए सद्भाव और शांति लाने वाले व्यक्ति को चाहते हैं और वो इस नियुक्ति में शामिल होना चाहते हैं. उन्होंने इसे वेनेजुएला से जोड़ते हुए कहा कि वहां अमेरिकी बलों द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मैडुरो को पकड़ने के बाद स्थिति में उनकी भूमिका थी.
ट्रंप ने ईरान के संभावित उत्तराधिकारी, दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते जो पुरानी नीतियों को जारी रखे. वहीं, ट्रंप के इन दावों ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है.
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