ईरानी तेल से बैन हटा सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान!

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.

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ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा सकतें हैं ट्रंप: स्कॉट बेसेंट (photo: Reuters) ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा सकतें हैं ट्रंप: स्कॉट बेसेंट (photo: Reuters)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने के लिए अमेरिका ने ऐतिहासिक फैसला लिया है. अमेरिकी वित्त मंत्री ने स्कॉट बेसेन्ट ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका जल्द ही समुद्री रास्ते में टैंकरों पर फंसे करीब 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा सकता है. उन्होंने बताया कि ये कदम वैश्विक तेल की कीमतों को कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने गुरुवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के मॉर्निंग्स विद मारिया कार्यक्रम में कहा, आने वाले दिनों में हम समुद्र में मौजूद ईरानी तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. बताया जा रहा है कि फंसे हुए जहाजों पर करीब 140 मिलियन बैरल तेल मौजूद है.

उन्होंने बताया कि क्रूड ऑयल की ये मात्रा वैश्विक आपूर्ति में 10 दिन से दो हफ्ते तक की सप्लाई के बराबर है जो दुनिया की तेल जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है.

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कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

उन्होंने बताया कि ये कदम वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ाने और आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने के लिए उठाया जा रहा है. पिछले दो हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं, क्योंकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. अमेरिका का लक्ष्य इस आपूर्ति के जरिए बाजार में मौजूद 10 से 14 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी को पूरा करना है. ये 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आने से अगले 10 से 14 दिनों तक आपूर्ति सुचारू रखने में मदद मिलेगी.

कीमतों को किया जा सके नियंत्रित

स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, अमेरिका असल में ईरान के ही तेल का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने जा रहा है, ताकि कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये तेल पहले चीन जाने वाला था, लेकिन अब इसे वैश्विक बाजार के लिए खोल दिया जाएगा.

बेसेन्ट ने कहा कि अमेरिका वित्तीय बाजारों या तेल वायदा बाजार (Futures Market) में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है, बल्कि भौतिक बाजारों (Physical Markets) में सीधे आपूर्ति बढ़ा रहा है.

इससे पहले ट्रेजरी ने रूसी तेल के साथ भी ऐसा ही कदम उठाया था, जिससे बाजार में 13 करोड़ बैरल तेल की अतिरिक्त आपूर्ति हुई थी.

वहीं, तेल की कमी को दूर करने के लिए अमेरिका अपने सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से भी स्टॉक जारी करने की तैयारी में है. ये पिछले हफ्ते G7 देशों द्वारा जारी किए गए 400 मिलियन बैरल के साझा स्टॉक के अतिरिक्त होगा.

बेसेन्ट ने चीन को रिफाइंड उत्पादों का 'अविश्वसनीय' आपूर्तिकर्ता बताया, क्योंकि उसने एशिया के अन्य देशों को जेट ईंधन और अन्य उत्पादों का निर्यात बंद कर दिया है. इन तमाम कोशिशों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण पैदा हुए दैनिक 14 मिलियन बैरल के घाटे की भरपाई करना है.

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जापानी PM से मुलाकात करेंगे ट्रंप

उन्होंने ये भी बताया कि गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ अहम बैठक करेंगे. इस चर्चा का मुख्य एजेंडा जापानी नौसेना द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  में जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करना है, क्योंकि जापान अपनी जरूरत का अधिकांश तेल वहीं से प्राप्त करता है.

उम्मीद है कि प्रधानमंत्री ताकाइची अपने देश के रणनीतिक रिजर्व से भी अतिरिक्त तेल जारी करने पर सहमति जता सकती हैं. बेसेन्ट ने ताकाइची को अमेरिका समर्थक बताते हुए कहा कि इस चर्चा से आपूर्ति संकट को हल करने में बड़ी मदद मिलेगी.

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