ईरान ने ChatGPT से लिखवाया था सीजफायर प्रस्ताव... जेडी वेंस का दावा, कहा- तुरंत खारिज किया

ईरान ने बुधवार को अमेरिका और इजरायल पर "ऐतिहासिक जीत" का दावा किया. दरअसल ट्रंप के सीजफायर के लिए सहमत होने पर ईरान इसे अपनी जीत बता रहा है. तेहरान की मानें तो अमेरिका उसके 10 प्रस्तावों पर सहमत है, लेकिन अमेरिका ने इसे मात्र बातचीत का आधार बताया है और कोई सहमति नहीं दी है.

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 अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने 3 दस सूत्रीय प्रस्ताव भेजे थे. (Photo: Reuters) अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने 3 दस सूत्रीय प्रस्ताव भेजे थे. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:14 PM IST

ईरान सीजफायर से पहले इसका ड्राफ्ट चर्चा में है. पहले व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव कूड़ेदान में फेंक दिया. अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान ने प्रस्तावों के तीन अलग-अलग वर्जन भेजे थे, उन्होंने  दावा किया कि पहला वर्जन ChatGPT ने लिखा था. 

वेंस ने आगे कहा कि ईरान के इन तीन अलग-अलग प्रस्तावों से इस बात को लेकर भ्रम पैदा हो गया है कि बातचीत का आधार क्या होगा; यह बातचीत 11 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होने की उम्मीद है. 

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बुधवार को दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद तेहरान ने दावा किया कि अमेरिका उसके 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर सहमत हो गया है, जिसमें युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति शामिल है. हालांकि, अमेरिका ने अब तक ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया है. 

CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार जेडी कहा, “पहला 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया गया था, और सच कहूं तो हमें लगता है कि शायद इसे ChatGPT ने लिखा था.” वेंस ने आगे बताया कि स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने इसे तुरंत खारिज कर दिया; ये दोनों उनकी बातचीत करने वाली टीम का हिस्सा हैं.

वेंस ने आगे कहा कि प्रस्ताव का दूसरा संस्करण “ज़्यादा तर्कसंगत” था, क्योंकि इसे पाकिस्तान और ईरान के वार्ताकारों के बीच कुछ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया था. उपराष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने ट्रूथ पोस्ट में इसी संस्करण का जिक्र किया था.

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अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव के तीसरे वर्जन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे पहले वाले से भी "ज़्यादा अतिवादी" बताया. यानी कि इसमें अमेरिका के लिए कुछ था ही नहीं.

इस बीच वेंस ने ईरान से यह भी आग्रह किया कि वह दो हफ़्ते के नाज़ुक संघर्षविराम को पटरी से न उतारे; उनका दावा था कि इस संघर्ष-विराम समझौते में लेबनान को कभी शामिल ही नहीं किया गया था. 

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ईरानियों को लगा कि इस संघर्ष-विराम में लेबनान भी शामिल है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था. हमने कभी ऐसा कोई वादा नहीं किया था."

ईरान ने लेबनान में भी संघर्ष-विराम की मांग की है, और इसे मध्य-पूर्व में चल रहे व्यापक संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक प्रमुख शर्त बताया है. 

वेंस की यह टिप्पणी तब आई है जब ईरान के साथ संघर्ष फिर से शुरू होने के बाद इज़रायल ने लेबनान में अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले किए है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को इजरायल के हमले में कम से कम 182 लोग मारे गए और लगभग 900 लोग घायल हुए.

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