'मैंने कराया भारत-पाक सीजफायर...', इजरायल की संसद में ट्रंप ने दोहराया अपना दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल नोबेल शांति पुरस्कार से चूकने के बावजूद गाजा और भारत-पाकिस्तान के संघर्षों में अपने शांति प्रयासों का दावा किया. उन्होंने इज़रायल-हमास युद्ध खत्म करने और परमाणु-सशस्त्र प्रतिद्वंद्वियों के बीच युद्ध टालने का क्रेडिट लिया.

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ट्रंप ने इज़रायल-हमास सीजफायर को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सुलझाया गया 'आठवां युद्ध' बताया. (Photo: Reuters) ट्रंप ने इज़रायल-हमास सीजफायर को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सुलझाया गया 'आठवां युद्ध' बताया. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 8:01 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल नोबेल शांति पुरस्कार जीतने से चूक गए. वे अपने सपने को पूरा करने के लिए क्षेत्रों में पनप रहे युद्धों को रोकने की बात करते नहीं थक रहे. ट्रंप ने सोमवार को बार-बार अपने इस पुराने दावे को दोहराया कि उन्होंने मई में हुए संक्षिप्त संघर्ष के बाद परमाणु-विरोधी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता की थी.

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ट्रंप ने यह बयान गाजा शांति समझौते पर एक समारोह में बोलते हुए दिया, जिसकी मध्यस्थता उन्होंने इज़रायल और हमास के बीच दो साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए की थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों में शांति के पुल बनाएगा.

उन्होंने नेसेट सदस्यों की नारेबाजी के बीच कहा, "हम तेल अवीव को दुबई से, हाइफ़ा को बेरूत से, इज़रायल को मिस्र से, सऊदी अरब को कतर से, भारत को पाकिस्तान से, तुर्की को जॉर्डन से, यूएई को ओमान से और आर्मेनिया को अज़रबैजान से जोड़ेंगे."

भारत-पाकिस्तान संघर्ष...

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी, जिसके जवाब में 7 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत किए गए हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पैदा हो गए थे. 

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दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर पर सहमति बनी, जिसका ऐलान ट्रंप ने किया था. उन्होंने दावा किया कि मैंने इसकी मध्यस्थता की. दूसरी तरफ, भारत ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात की और युद्धविराम की गुजारिश की. 

यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे का खंडन किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम स्थापित करने में वॉशिंगटन की कोई भूमिका नहीं थी. इसके बाद भी, ट्रंप ऐसे दावे करते रहे हैं.

यह भी पढ़ें: 'ट्रंप की ईमानदार कोशिशों का समर्थन...', गाजा शांति समझौते पर पीएम मोदी ने जताई खुशी

आज हमास द्वारा 20 बंधकों की रिहाई की निगरानी के लिए इज़रायल रवाना होने से पहले, ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध टालने का क्रेडिट लिया. उन्होंने अपने दावे को और मज़बूत करते हुए कहा कि अगर परमाणु-सशस्त्र प्रतिद्वंद्वियों ने लड़ाई बंद नहीं की, तो उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर 200 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाता.

अपने शांति प्रयासों के लिए नोबेल पुरस्कार न चाहने के दावों को खारिज करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं 'युद्धों को सुलझाने में माहिर' हूं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मेरी कूटनीति का मकसद जिंदगियां बचाना है, पुरस्कार जीतना नहीं.

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ट्रंप ने गाजा युद्ध की समाप्ति की भी घोषणा की और इज़रायल-हमास सीजफायर को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सुलझाया गया 'आठवां युद्ध' बताया.

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