12 घंटे में 50 हमले... इजरायली बारूद से मलबे का ढेर बना बेरूत का ये इलाका, पढ़े आजतक की Exclusive रिपोर्ट

जंग के 19वें दिन इजरायल ने बेरूत के रिहायशी इलाके बशूरा को निशाना बनाया, जिससे पूरा शहर दहल उठा. आजतक की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि जहां कल तक परिवार रहते थे, आज इजरायली हमलों ने उसे मलबे का ढेर बना दिया है. पिछले 12 घंटों में 50 से अधिक हमले हुए हैं और अब बेरूत के हालात भी गाजा जैसे होने लगे हैं. हर तरफ चीख-पुकार और बर्बादी का मंजर है.

Advertisement

अशरफ वानी

  • बेरूत ,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

मिडिल ईस्ट से जो खबरें आ रही हैं, वो सच में रूह कंपा देने वाली हैं. इस भीषण जंग को शुरू हुए आज 19 दिन हो गए हैं, लेकिन शांति की कोई उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही. हालात सुधरने के बजाय हर बीतते दिन के साथ और भी बिगड़ते जा रहे हैं. ताजा अपडेट ये है कि इजरायल ने अब लेबनान की राजधानी बेरूत के एक रिहायशी इलाके बशूरा को निशाना बनाया है. यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज से पूरा शहर दहल उठा और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

Advertisement

आजतक की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि युद्ध के मैदान से जो तस्वीरें आ रही हैं, वो दिल तोड़ने वाली हैं. बेरूत का यह अल-बशूरा इलाका सेंट्रल बेरूत का हिस्सा है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि यह कोई हिजबुल्लाह का गढ़ नहीं, बल्कि एक आम रिहायशी इलाका है जहां कल तक हंसते-खेलते परिवार रहते थे. लोग अपने घर के कामों में व्यस्त थे, बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, लेकिन एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया. कल रात तक जो इमारत यहां शान से खड़ी थी, आज सुबह वहां सिर्फ मलबे का ढेर और बर्बादी की निशानियां बची हैं.

इजरायल के हवाई हमलों ने इस पूरी बिल्डिंग को मिट्टी में मिला दिया है और अब यहां सिर्फ कंक्रीट के टुकड़े और लोगों की बिखरी हुई यादें बची हैं. सबसे ज्यादा तकलीफ तब होती है जब लोग अपनी आंखों के सामने अपने बरसों की मेहनत से बनाए सपनों के घर को उजड़ते देख बेबस खड़े रहते हैं. किसी का सामान मलबे में दबा है, तो किसी की छत ही गायब है. यह सिर्फ एक इमारत का गिरना नहीं है, बल्कि सैकड़ों लोगों की उम्मीदों का टूटना है.

Advertisement

12 घंटे में 50 से ज्यादा हमले

अगर पिछले 12 घंटों की बात करें, तो पूरे दक्षिणी लेबनान में हालात एकदम बेकाबू हो चुके हैं. वहां 50 से भी ज्यादा हवाई हमले हुए हैं, यानी हर कुछ मिनटों में आसमान से मौत बरस रही है. इज़रायली सेना अब सिर्फ जमीन के रास्ते ही अंदर नहीं घुस रही, बल्कि आसमान से भी लगातार बारूद बरसा रही है. आजतक को मौके से मिल रही जानकारियों के मुताबिक, जो मंजर दिख रहा है वो अब धीरे-धीरे गाजा की याद दिला रहा है, वही चीख-पुकार, वही अपनों को खोने का डर और वही बेबसी.

शहर के बीचों-बीच हो रहे ये हमले साफ बता रहे हैं कि अब लेबनान में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है. जो लोग कल तक अपने घरों में सुकून से थे, आज उनके पास सिर छिपाने की जगह तक नहीं है. हर तरफ बस एंबुलेंस के सायरन सुनाई दे रहे हैं और आसमान में धुएं का काला गुबार फैला हुआ है. 19 दिन बीत जाने के बाद भी यह लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही, बल्कि अब यह सीधे आम लोगों की दहलीज तक पहुंच गई है. बेरूत की रौनक अब मलबे के नीचे दफन होती जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement