'ईरान तय नहीं करेगा लेबनान में सीजफायर की तारीख', मोजतबा खामेनेई को इजरायल का सख्त संदेश

इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव जारी है. इजरायल ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में सीजफायर की तारीख तय करने का अधिकार ईरान को नहीं दिया जाएगा.

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इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने लेबनान पर ईरान को दो टूक जवाब दिया है इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने लेबनान पर ईरान को दो टूक जवाब दिया है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:48 PM IST

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग में सीजफायर है, लेकिन युद्ध का तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. इजरायल लगातार लेबनान पर हमला कर रहा है. इसे लेकर ईरान ने आपत्ति जताई थी. अब इजरायल ने ईरान को दो टूक कहा है कि 'लेबनान में सीजफायर की तारीख ईरान तय नहीं करेगा.'

इजरायल के विदेश मंत्री ने लेबनान को  लेकर कहा कि, लेबनान में हिजबुल्लाह एक्टिव है और इजरायल के हमले से लगातार कमजोर हो रहा है. इजरायल पहले भी कहता रहा है कि सीजफायर की शर्तों के दायर से लेबनान बाहर है.

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इजरायल के विदेश मंत्री ने दिया बयान
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने लेबनान और ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 'लेबनान में सीजफायर की तारीख तय करने की छूट ईरान को देना एक बड़ी गलती होगी, क्योंकि इससे ईरान की वहां पकड़ और मजबूत होगी.'

इजरायली विदेश मंत्री के मुताबिक, लेबनान में इजरायली सेना की कार्रवाई का सीधा असर हिजबुल्लाह पर पड़ रहा है और इससे संगठन कमजोर हो रहा है. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के कमजोर होने का मतलब है कि लेबनान में ईरान का प्रभाव भी कम होगा.

गौरतलब है कि इजरायल लगातार यह कहता रहा है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम का दायरा लेबनान पर लागू नहीं होता और वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. सीजफायर के दौरान ट्रंप ने भी कहा था कि लेबनान युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं है, क्योंकि वहां हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी समूह एक्टिव हैं.

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ईरान लेबनान में भी सीजफायर की मांग पर अड़ा
इसके जवाब में ईरान ने कहा था कि, लेबनान युद्धविराम प्रस्ताव के पहले प्वाइंट का हिस्सा है और इसे अलग नहीं किया जा सकता.ईरान की ओर से कहा गया था कि, लेबनान को अमेरिका के साथ हुए किसी भी संघर्षविराम समझौते से अलग नहीं रखा जा सकता. ईरान ने साफ संकेत दिया था कि क्षेत्र में कोई भी शांति समझौता तभी संभव होगा जब लेबनान को भी उसमें शामिल किया जाए.

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने बीते गुरुवार को दो टूक कहा कि इस मुद्दे पर न तो इनकार की गुंजाइश है और न ही पीछे हटने की. गालिबफ ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि लेबनान और पूरा 'रेजिस्टेंस एक्सिस' ईरान के रणनीतिक सहयोगी हैं और उन्हें संघर्षविराम के दायरे से बाहर रखना असंभव है.

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