इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने एक बार फिर ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ा सैन्य हमला किया है. रात के दौरान किए गए इस हमले में उस अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया, जहां ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) हथियारों के रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम कर रही थी. बताया जा रहा है कि इस परिसर में बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण और उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां भी चल रही थीं.
तेहरान में रातभर इजरायली हमला
इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि उसने तेहरान में रातभर हमलों को अंजाम दिया गया. इन हमलों का मुख्य निशाना ईरान का एक गुप्त अंडरग्राउंड सैन्य परिसर था. बताया गया है कि यह हमला बेहद सटीक तरीके से किया गया ताकि सैन्य ढांचे को अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके. इजरायली सेना के अनुसार यह ऑपरेशन लंबे समय से जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था. इस हमले के बाद इलाके में सुरक्षा और सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है.
अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स को बनाया निशाना
हमले के दौरान जिस जगह को टारगेट किया गया, वह एक अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स था जहां हथियारों के रिसर्च और डेवलपमेंट से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट चल रहे थे. इस परिसर में नई सैन्य तकनीकों और हथियार प्रणालियों पर काम किया जा रहा था. इजरायली सेना का कहना है कि यह स्थान ईरान के सैन्य कार्यक्रम के लिए बेहद अहम था. इसी वजह से इसे रणनीतिक रूप से निशाना बनाया गया. हमले के बाद इस कॉम्प्लेक्स को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं.
टेस्टिंग से जुड़ी सुरंग पर भी हमला
इस अंडरग्राउंड परिसर के भीतर एक सुरंग भी मौजूद थी, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सैनिक बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास और उत्पादन से जुड़े परीक्षण करते थे. इजरायली सेना के अनुसार इस सुरंग का इस्तेमाल मिसाइल तकनीक की जांच और परीक्षण के लिए किया जाता था. इसी सुरंग को भी हमले में निशाना बनाया गया. माना जा रहा है कि इससे ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को बड़ा झटका लग सकता है.
मिलिट्री यूनिवर्सिटी के भीतर था परिसर
बताया गया है कि यह अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स IRGC की इमाम हुसैन सेंट्रल मिलिट्री यूनिवर्सिटी के भीतर बनाया गया था. यह जगह सामान्य परिस्थितियों में एक सैन्य शैक्षणिक संस्थान के तौर पर काम करती है. लेकिन इजरायली सेना के मुताबिक इस परिसर का इस्तेमाल आपातकालीन सैन्य संपत्ति और ऑपरेशनल गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था. यही वजह है कि इसे सैन्य लक्ष्य के तौर पर चुना गया.
अहम केंद्र था यह परिसर
इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह कॉम्प्लेक्स IRGC की कई ऑपरेशनल गतिविधियों का अहम केंद्र था. यहां सैन्य तकनीक के विकास के अलावा रणनीतिक योजनाओं पर भी काम होता था. संकट की स्थिति में इसे आपातकालीन सैन्य केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था. ऐसे में इस जगह पर किया गया हमला ईरान की सैन्य क्षमताओं को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. आईडीएफ (IDF) ने यह जानकारी X पर शेयर की है.
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