तेहरान के आसमान में एयर-टू-एयर किल, IDF के F-35 ने गिराया ईरानी YAK-130 जेट, Video

इजरायली वायुसेना ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसके F-35 अदीर लड़ाकू विमान ने तेहरान के आसमान में ईरान के Yak-130 विमान को मार गिराया है. इजरायल का कहना है कि इतिहास में पहली बार F-35 ने एयर-टू-एयर मुकाबले में पायलट वाले लड़ाकू विमान को गिराया है. इस घटना के बाद ईरान-इजरायल के बीच चल रहा युद्ध और तेज हो गया है.

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इजरायल के F-35 ने गिराया ईरान का लड़ाकू विमान (Photo: Screengrab) इजरायल के F-35 ने गिराया ईरान का लड़ाकू विमान (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है. इजरायली वायुसेना ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा है कि उसके F-35 लड़ाकू विमान ने तेहरान के आसमान में ईरान के एक सैन्य विमान को मार गिराया. करीब 17 सेकंड के इस वीडियो को इजरायली वायुसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. 

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वीडियो में इजरायल का F-35 लाइटनिंग लड़ाकू विमान ईरान के Yak-130 विमान को इंटरसेप्ट करता और उसे निशाना बनाकर गिराता हुआ दिखाई दे रहा है. इजरायल का कहना है कि यह घटना मौजूदा सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई है. इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं.

F-35 ‘अदीर’ ने किया हमला, इजरायली वायुसेना का दावा

इजरायली वायुसेना ने वीडियो के साथ बयान जारी करते हुए कहा कि उनका F-35 विमान, जिसे इजरायली सेवा में अदीर कहा जाता है, उसने ईरान के Yak-130 लड़ाकू विमान को मार गिराया. वायुसेना ने अपने बयान में कहा कि मिशन के दौरान लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया और हमला जारी रहेगा.

इजरायली वायुसेना के मुताबिक यह इतिहास का पहला मौका है जब किसी F-35 लड़ाकू विमान ने किसी पायलट वाले लड़ाकू विमान को एयर-टू-एयर कॉम्बैट में मार गिराया है. इस दावे को लेकर सैन्य विशेषज्ञों की नजर भी इस घटना पर टिक गई है क्योंकि F-35 को दुनिया के सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट्स में गिना जाता है.

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‘तेहरान के आसमान में एयर सुपीरियरिटी बनाने की कोशिश’

इजरायली डिफेंस फोर्स यानी आईडीएफ ने कहा है कि उनकी सेना ईरान के सैन्य ढांचे और बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले कर रही है. आईडीएफ का कहना है कि उनका उद्देश्य तेहरान के आसमान में एयर सुपीरियरिटी हासिल करना है. सेना के मुताबिक वो ईरानी शासन से जुड़े दर्जनों ठिकानों और ढांचों पर हमले कर रहे हैं ताकि सैन्य दबाव बनाया जा सके.

इजरायल ने यह भी कहा कि उनके अभियान का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तेहरान में गुरुवार को बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए. इन हमलों में ईरान की सरकारी संरचनाओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.

ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत बड़े हमले

इजरायल का कहना है कि इन हमलों का जवाब ईरान की तरफ से पहले किए गए मिसाइल हमलों के बाद दिया गया है. ईरान की मिसाइल हमलों के कारण इजरायल में लाखों लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी थी. इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी.

ईरान का पलटवार, खाड़ी में अमेरिकी हितों पर हमला

इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी है. ईरानी सेना का कहना है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया है. ईरान का दावा है कि उसने खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया. यह हमला उस घटना के कुछ घंटे बाद हुआ जब अमेरिका ने श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी जहाज पर हमला किया था.

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इस हमले में कम से कम 80 लोगों के मारे जाने की खबर है. ईरान ने इस घटना को समुद्र में किया गया अत्याचार बताया है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की भी इस घटनाक्रम में चर्चा में आ गया है. तुर्की ने कहा कि नाटो की एयर डिफेंस प्रणाली ने एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया.

तुर्की और नाटो भी तनाव के घेरे में

हालांकि ईरान ने तुर्की की ओर मिसाइल दागने से इनकार किया है. ईरान का कहना है कि वह तुर्की को एक मित्र देश मानता है और उसकी संप्रभुता का सम्मान करता है. ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. खास तौर पर ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार इस संघर्ष से प्रभावित हुए हैं.

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 200 जहाज इस इलाके में फंसे हुए हैं. इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है.

संघर्ष का छठा दिन, तनाव लगातार बढ़ रहा

ईरान और इजरायल के बीच सीधी सैन्य टकराव की स्थिति को अब छह दिन हो चुके हैं. दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं. हवाई हमले, मिसाइल हमले और समुद्री टकराव के कारण हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं.

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इजरायल का कहना है कि वह अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए अभियान जारी रखेगा. वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है. ऐसे में मध्य पूर्व में यह संघर्ष आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है.

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