ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. खाड़ी में मौजूद जहाजों को संदेश भेजा गया है कि बिना अनुमति के गुजरने पर निशाना बनाया जाएगा. इजरायल द्वारा सीजफायर उल्लंघन के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे तेल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है.
फ़ार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायल द्वारा लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन किया गय है. इसके बाद ईरानी नौसेना ने यह कदम उठाया है. शिपिंग सूत्रों ने बताया कि खाड़ी में मौजूद जहाजो लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं. उनको धमकी दी जा रही है कि अनुमति लिए बिना कोई भी होर्मुज पार न करे.
ईरान की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि होर्मुज से निकलने के लिए जहाज मालिकों को अनुमति लेनी होगी. अनुमति के बिना गुजरने पर जहाज को निशाना बनाया जाएगा. उस पर हमला करके नष्ट कर दिया जाएगा. अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बीद भी हालात तनावपूर्ण हैं.
AFP न्यूज एजेंसी ने समुद्री निगरानी संस्था 'मरीन ट्रैफिक' के हवाले से बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए सशर्त सीजफायर के बाद इस जलमार्ग से अब तक केवल दो जहाज ही गुजर पाए हैं. ऐसे में ईरान के ऐलान के बाद वहां मौजूद तेल टैंकरों और जहाजों के लिए चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन महायुद्ध के 40 दिनों के बाद भी वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान को रत्ती भर भी झुका नहीं पाया. आखिरकार अमेरिका को सीजफायर करना पड़ा, जबकि इसी होर्मुज को खुलवाना डोनाल्ड ट्रंप अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते रहे थे.
एक वक्त ऐसा भी था जब ट्रंप दावा करते थे कि वे 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दो मिनट में खुलवा देंगे. लेकिन सीजफायर के बाद की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. ईरान ने होर्मुज को अपनी शर्तों पर खोला था, जिसे वापस बंद कर दिया है. हालांकि, कुछ जहाजों को अनुमति के बाद जाने दे रहा है.
ईरान ने दावा किया था कि वो होर्मुज में जहाजों से टोल टैक्स वसूलना जारी रखेगा. उसकी सेना ही इस पूरे मार्ग की निगरानी करेगी. दिलचस्प बात ये भी है कि ट्रंप खुद भी होर्मुज पर टोल लेने की मंशा जता चुके हैं. उन्होंने कहा था कि वो ईरान को अधिकार देने के बजाय खुद टोल वसूलना पसंद करेंगे.
अमेरिकी दावों के बीच जमीनी हकीकत डराने वाली है. ब्लूमबर्ग और समुद्री संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी में 800 से 2000 के बीच जहाज फंसे हुए हैं. इन पर करीब 20000 नाविक सवार हैं, जो एक महीने से अधिक समय से फंसे हुए हैं. अब तक 200 जहाज होर्मुज से निकलने में सफल रहे हैं.
दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का 25 फीसदी हिस्सा होर्मुज से गुजरता है. ईरान ने इसे सुरक्षित करने के लिए चार स्तरीय चक्र तैयार किया है. इसमें पहाड़ों में छिपी मिसाइलें, तेज आक्रमणकारी नौकाओं का झुंड और निगरानी के लिए ड्रोन शामिल हैं. अमेरिकी युद्धपोत गहरे पानी के लिए बने हैं.
इस उथले और संकरे इलाके में वे असुरक्षित हो जाते हैं. तट से आने वाली मिसाइलों के सामने एयरक्राफ्ट कैरियर की प्रतिक्रिया का समय कुछ ही सेकंड रह जाता है. यही वजह है कि अमेरिका केवल इसे खुलवाकर ही अपनी जीत मान लेना चाहता है, जबकि ईरान ने अभी अपने सारे पत्ते नहीं खोले हैं.
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