ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातामी ने ट्रंप की उस धमकी की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था कि वो ईरान को स्टोन एज यानी ‘पाषाण युग’ में वापस भेज देंगे. खातामी ने कहा है कि अमेरिका हर रोज धमकियां दे रहा है और तबाही का ढोल जोर-शोर से पीट रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातामी ने एक बयान जारी कर अमेरिका और इजरायल के ईरान में नागरिक ढांचे पर जारी हमलों की कड़ी निंदा की.
बयान में उन्होंने कहा, 'दुश्मन बेहिचक ये कह रहा है कि वो अपने हमलों के जरिए ईरान को पाषाण युग में लौटाना चाहता है.'
ईरानी मीडिया में साझा किए गए बयान के मुताबिक, पूर्व ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, 'ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों, स्कूलों और अन्य ठिकानों पर अमेरिका-इजरायल के हमले मानवता के खिलाफ अपराध की मिसाल हैं जिन्हें अमेरिकी सरकार और हत्यारी इजरायली शासन ने अंजाम दिया है.'
खातामी ने आगे कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे हर दिन युद्ध, धमकियों और तबाही का ढोल और जोर-शोर से पीट रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप हैं और कुछ नहीं कर रहीं और शायद इस आक्रामकता में शामिल होकर इस आग को और भड़काने में भागीदार बन रही हैं.'
ट्रंप ने ईरान को स्टोन एज में भेजने की धमकी दी है
डोनाल्ड ट्रंप ने बीते हफ्ते गुरुवार को धमकी दी थी कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान पर बड़े हमले करेगा और उसे 'पाषाण युग' में पहुंचा देगा.
व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में उन्होंने कहा, 'हम अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर बहुत बड़ा हमला करने वाले हैं. हम उन्हें वापस पाषाण युग में पहुंचा देंगे, वहीं उनकी जगह है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा था, 'हम इजरायल और मिडिल ईस्ट के अपने बाकी सहयोगियों जैसे सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई को उनके सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करते हैं.'
aajtak.in