वैश्विक तेल व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण रास्ते 'होर्मुज स्ट्रेट' को लेकर ईरान एक बड़ा और विवादित कदम उठाने जा रहा है. ईरानी संसद एक ऐसे विधेयक पर काम कर रही है, जिसके तहत इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों और तेल टैंकरों से 'ट्रांजिट फीस' (पारगमन शुल्क) वसूली जाएगी.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह प्रस्ताव ईरान की संप्रभुता, नियंत्रण और निगरानी को औपचारिक रूप देने के साथ-साथ राजस्व का नया स्रोत तैयार करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. ईरानी सांसद मोहम्मद रेजा के हवाले से कहा गया है कि जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ट्रांजिट शुल्क लिया जाता है, वैसे ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों और तेल टैंकरों से भी शुल्क लेना स्वाभाविक है.
ईरान का तर्क है कि वह इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, इसलिए जहाजों को इसके बदले भुगतान करना चाहिए. यह कदम होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता और नियंत्रण को औपचारिक रूप से कानूनी जामा पहनाने की कोशिश है.
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वैश्विक नियमों को चुनौती
होर्मुज को वर्तमान में एक 'अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग' माना जाता है, जो सभी देशों की शिपिंग के लिए खुला है. ईरान द्वारा शुल्क लगाने का फैसला अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के विपरीत हो सकता है. ईरान के इस कदम का खाड़ी देशों, अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों द्वारा कड़ा विरोध होना तय है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है.
इस कदम से अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होंगे. फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की संभावना है.
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