'अब आगे कोई बातचीत नहीं, अमेरिका को बस बहाना चाहिए था', इस्लामाबाद वार्ता फेल होने पर ईरान का दावा

इस्लामाबाद में हुई कूटनीतिक जंग अब जुबानी जंग में बदल गई है. 21 घंटे की मैराथन बैठक के बाद जहां जेडी वेंस वापस लौट चुके हैं, वहीं ईरानी मीडिया ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका शांति नहीं चाहता, बल्कि वह बातचीत से पीछे हटने के लिए सिर्फ एक बहाना तलाश रहा था. ईरान ने साफ कर दिया है कि अब अगले दौर की बातचीत का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है.

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एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे अमेरिका और ईरान (Photo: Reuters) एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे अमेरिका और ईरान (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच शांति की जो उम्मीद जगी थी, उसे अब बहुत बड़ा झटका लगा है. 21 घंटे की मैराथन बैठक के बाद अब ईरान के सुर पूरी तरह बदल गए हैं. ईरान ने साफ कर दिया है कि तेहरान का फिलहाल अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत का कोई इरादा नहीं है. ईरानी मीडिया का तो यहां तक दावा है कि अमेरिका असल में इस चर्चा को लेकर गंभीर था ही नहीं, वह तो बस यहां से भागने का बहाना ढूंढ रहा था.

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ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने पाकिस्तान में मौजूद ईरानी टीम के करीबी सूत्रों के हवाले से बड़ा खुलासा किया है. ईरान का मानना है कि अमेरिका को इस बातचीत की जरूरत सिर्फ इसलिए थी ताकि दुनिया के सामने वह अपनी खोई हुई साख बचा सके. ईरान का आरोप है कि जंग के मैदान में हार और रुकावट झेलने के बावजूद अमेरिका अपनी जिद छोड़ने को तैयार नहीं था. वह मेज पर बैठकर ऐसी शर्तें थोप रहा था जिन्हें मानना मुमकिन ही नहीं था, ताकि बातचीत टूटने का दोष ईरान पर मढ़ा जा सके.

कई मुद्दों पर बनी सहमति, पर दो बड़े पेचों ने फंसाया मामला

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस्लामाबाद वार्ता पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि बातचीत के दौरान कई अहम बिंदुओं पर तो आपसी सहमति बन गई थी, लेकिन दो सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों की राय अलग-अलग रही. इसी वजह से यह चर्चा किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सकी. ईरानी मीडिया के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी माना कि यह पूरी बातचीत अविश्वास के माहौल में हुई थी, इसलिए सिर्फ एक बैठक में ही किसी बड़े नतीजे की उम्मीद करना ठीक नहीं था. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि क्षेत्रीय शांति के लिए ईरान, पाकिस्तान और इलाके के अन्य मित्र देशों के साथ सलाह-मशविरा और संपर्क का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.

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यह भी पढ़ें: Iran-America Islamabad Talks LIVE: इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका रवाना हुई जेडी वेंस की टीम

21 घंटे की माथापच्ची के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अब अमेरिका के लिए उड़ान भर चुके हैं. लेकिन कड़वी हकीकत यह है कि वे खाली हाथ लौट रहे हैं. अमेरिका को उम्मीद थी कि इस महावार्ता के बाद वे दुनिया के सामने अपनी जीत का ढोल पीटेंगे, लेकिन अब उनके पास इज्जत बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा है. ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी मर्जी के बिना समंदर का यह रास्ता नहीं खुलेगा.

इस पूरी बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा था स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो फिलहाल बंद है. अमेरिका इसे खुलवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा था, लेकिन ईरान ने साफ कह दिया कि यह रास्ता सिर्फ उनकी इजाजत से खुलेगा. ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिका तो बस यहां से भागने का बहाना ढूंढ रहा था. अब जब वेंस वापस लौट रहे हैं, तो होर्मुज का रास्ता अभी भी बंद है और तनाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुका है.
 

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