'Trump Must Go' से 'खामेनेई मुर्दाबाद' तक... अमेरिका और ईरान जल रहे एक जैसी आग में!

ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं जहां अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले की धमकी दे रहे हैं, जबकि अमेरिका में भी उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है.

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अमेरिका और ईरान, दोनों ही देशों में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं (Photo: AP) अमेरिका और ईरान, दोनों ही देशों में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

ईरान इस वक्त क्रांति की आग में जल रहा है जहां लोग इस्लामी गणराज्य के खामेनेई शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर हैं. ईरान आंदोलन में अब तक 500 से ज्यादा लोगों को जान गई है और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं. ईरान आंदोलन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लगातार हस्तक्षेप की धमकी दे रहे हैं. ट्रंप कह रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों पर ईरानी शासन की ज्यादतियां बढ़ रही है जिसे देखते हुए वो ईरान पर हमला कर सकते हैं.

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ट्रंप एक तरफ ईरान पर हमले की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही देश में उनके खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है और लोग उनकी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर हैं.

अमेरिका में अवैध घुसपैठियों को पकड़ने और इमिग्रेशन कानून लागू करने के नाम पर फेडरल एजेंसी आव्रजन और सीमा शुल्क विभाग (ICE) की कार्रवाइयों से लोगों में गुस्सा है. कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आरोप लगा रहे हैं कि एजेंसी कानून के दायरे से बाहर जाकर अपने ही नागरिकों और प्रवासियों के खिलाफ बल प्रयोग कर रही है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छापेमारी, हिरासत और बलपूर्वक कार्रवाई के दौरान मानवाधिकारों की अनदेखी की जा रही है.

मिनेसोटा में महिला की हत्या से ट्रंप के खिलाफ भड़का लोगों का गुस्सा

हाल ही में मिनेसोटा राज्य में ट्रंप की सख्त प्रवासी नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले जिसने अब व्यापक रूप ले लिया है. दरअसल, ICE के एक अधिकारी ने मिनेसोटा के मिनियापोलिस शहर में एक महिला को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी जिसके बाद से पूरे राज्य में ट्रंप के खिलाफ भारी गुस्सा देखा गया है. 37 साल की रेनी निकोल गुड को उनकी SUV में गोली मार दी गई.

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'Trump Must Go Now', 'ICE हमारे राज्य से बाहर जाओ'... जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने महिला की मौत के लिए उसे ही दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि महिला मौके पर मौजूद ICE एजेंट्स के काम में दखल दे रही थी जो कि उकसाने वाला था. 

मिनियापोलिस शहर में डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर जैकब फ्रे ने रेनी गुड की हत्या को लेकर ICE के उस बयान को बकवास बताया है जिसमें कहा गया है कि गोली सेल्फ डिफेंस में चलाई गई. उन्होंने भी मांग की है कि ICE को शहर से तुरंत बाहर निकल जाना चाहिए.

अमेरिकी मीडिया में आई तस्वीरों और वीडियो से यह साफ झलकता है कि हालात तनावपूर्ण हैं. पुलिस और फेडरल एजेंसियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, कई जगहों पर झड़पें हुई हैं और विरोध प्रदर्शनों को तितर-बितर करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं. 

रेनी गुड की हत्या को लेकर फेडरल और लोकल अधिकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है. राज्य में विरोध-प्रदर्शन भी तेज हो रहे हैं जिसे देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने सैकड़ों और इमिग्रेशन ऑफिसर को राज्य में भेजा है.

न्यूयॉर्क में भी ICE के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन

रविवार को न्यूयॉर्क सिटी में हजारों प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर ट्रंप प्रशासन और रेनी निकोल गुड की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. दोपहर को भीड़ सेंट्रल पार्क के दक्षिण-पूर्वी कॉर्नर में जमा हुई.

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कई प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति ट्रंप की निर्वासन नीति की निंदा करते हुए तख्तियां लिए हुए थे. स्थानीय नेताओं ने भी समर्थन जताने के लिए रैली में हिस्सा लिया. ब्रुकलिन से सिटी काउंसिल की सदस्य एलेक्सा एविलेस ने कहा, 'यह बेहद शर्मनाक है कि हमें 2026 में एक फासीवादी सरकार के खिलाफ लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है.'

इसके बाद प्रदर्शन फिफ्थ एवेन्यू से दक्षिण की ओर बढ़ा और जल्द ही ट्रंप टॉवर पहुंच गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक रोक दिया और नारे लगाए, 'Donald Trump Must Go.'

ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन शासन बदलने की मांग पर अड़ा

ईरान में हालिया प्रदर्शनों की शुरुआत राजधानी तेहरान में एक छोटे से विरोध-प्रदर्शन से हुआ. तेहरान के व्यापारी ईरानी मुद्रा रियाल में भारी गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर आए जो देखते ही देखते देश के अन्य हिस्सों में फैल गया. अब यह आंदोलन ईरान से सभी 31 प्रांतों में फैल गया है और लोग शासन परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. 'खामेनेई मुर्दाबाद', 'मुल्लाओं के देश छोड़ना होगा' जैसे नारों के साथ लोग सड़कों पर हैं.

ईरान में इंटरनेट बंदी, मीडिया पर नियंत्रण और सख्त कानूनों के जरिए सूचनाओं के फैलने से रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है.

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ईरान में सैकड़ों लोगों की मौत

ईरान की सुरक्षा एजेंसियां देशभर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल कर रही हैं. ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि लगभग पूरी तरह इंटरनेट बंदी के बीच चल रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं.

तेहरान के दक्षिण में स्थित कहरीजक से ईरान इंटरनेशनल को भेजे गए वीडियो फुटेज में कई शव बॉडी बैग में रखे हुए दिखाई दे रहे हैं.

वीडियो के साथ मौजूद चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक, मौके पर दर्जनों शव देखे जा सकते हैं, जबकि पास ही एक अन्य औद्योगिक शेड में और शव होने की भी जानकारी दी गई है.

कहरीजक में अपने परिजनों की तलाश में पहुंचे दो चश्मदीदों ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि उन्होंने वहां 400 से अधिक शव देखे.

ईरान इंटरनेशनल के एक आकलन के मुताबिक, बीते 48 घंटों में पूरे ईरान में कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह HRANA ने 500 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है. समूह के मुताबिक, 490 प्रदर्शनकारियों और 48 सुरक्षाबलों की जान गई है जबकि 10,600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

ईरान के उत्तरी शहर रश्त के एक डॉक्टर ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि केवल एक अस्पताल में ही कम से कम 70 शव लाए गए.

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शुक्रवार को ही करज के मदानी अस्पताल में 44 शव और करज के ही घायेम अस्पताल में 36 शव पहुंचाए गए. 

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