ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका पर सीधा हमला बोला है. खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'जैसे अतीत में था, वैसे ही आज भी अमेरिका ईरान को लेकर अपने आकलन में गलत है.' उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब देशभर में महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि उसने ईरान को समझने में गलत आकलन किया है. उन्होंने कहा कि जैसे अतीत में अमेरिका गलत रहा है, वैसे ही आज भी वॉशिंगटन ईरान को लेकर अपनी गणनाओं में चूक कर रहा है. ईरान में अशांति और हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं. इस बीच खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अतीत की तरह आज भी अमेरिका ईरान को लेकर अपनी गणनाओं में गलत है.'
दो हफ्तों से सुलग रहा ईरान
खामेनेई ने शुक्रवार को कहा कि ईरान विदेशी ताकतों के लिए 'भाड़े के सैनिक' की तरह काम करने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ईरान पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
ईरान में करीब दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन अब और उग्र हो गए हैं. कई बड़े शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जहां 'तानाशाह को मौत' (death to the dictator) जैसे नारे लगाए गए और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया. इस दौरान 12 घंटे से ज्यादा समय तक देशभर में इंटरनेट बंद रहा, जिसे हिंसा को दबाने की कोशिश माना जा रहा है. यह आंदोलन दशकों में ईरान के धार्मिक नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों को बताया 'उपद्रवी'
एक टेलीविजन संबोधन में खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को 'उपद्रवी' और 'तोड़फोड़ करने वाले' बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी. तेहरान में समर्थकों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप पर ईरानियों का खून बहाने का आरोप लगाया, जिस दौरान भीड़ ने 'डेथ टू अमेरिका' के नारे लगाए.
फांसी की सजा की चेतावनी
ईरानी सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को 'आतंकी' करार दिया है, जिससे कड़े दमन के संकेत मिल रहे हैं. न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी-एजेई ने कहा है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी और किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. तेहरान ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी या सुरक्षा बलों से सशस्त्र टकराव के आरोपियों को फांसी तक की सजा हो सकती है. देशभर में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं.
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