ईरान में घुसेगी अमेरिकी सेना या होगा सीक्रेट ऑपरेशन? कल ट्रंप की हाईलेवल मीटिंग में फैसला

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग में ईरान की तरफ साइबर वेपन की तैनाती, नए प्रतिबंध, सैन्य कार्रवाई और ऑनलाइन समर्थन बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा हो सकती है. ट्रंप पहले ही ईरानी शासन को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं.

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अमेरिका और ईरान, दोनों ही देशों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं (Photo: AP) अमेरिका और ईरान, दोनों ही देशों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान की कार्रवाई का जवाब देने के विकल्पों पर चर्चा होगी. यह संकेत माना जा रहा है कि ट्रंप ईरानी शासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही सख्ती के खिलाफ ठोस कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं.

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अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बैठक में विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन शामिल होंगे. चर्चा के संभावित विकल्पों में ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध, सीक्रेटिव साइबर हथियार की तैनाती, सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई और सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार विरोधी आवाजों को मजबूत करना शामिल है.

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रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम कुछ बहुत सख्त विकल्पों पर विचार कर रहे हैं." ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी हमले के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया, तो अमेरिका "ऐसे स्तर पर जवाब देगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया."

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ईरान द्वारा बातचीत करने की पेशकश का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व ने बातचीत के लिए संपर्क किया है. उन्होंने कहा, "एक बैठक तय की जा रही है. ईरान ने फोन किया है. वे बातचीत करना चाहते हैं." वहीं ईरान की तरफ से भी कहा गया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हमारे विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत (स्टीव विटकॉफ) के बीच बातचीत का चैनल खुला है और जब भी जरूरत होती है, मैसेज का आदान-प्रदान किया जाता है."

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार की बैठक में कोई अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना कम है, क्योंकि विचार-विमर्श अभी शुरुआती चरण में है. मंगलवार को होने वाली मीटिंग में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ़्स के चेयरमैन जनरल डैन केन के शामिल होने की उम्मीद है.

अगर अमेरिका ने हमला किया तो...!

इस बीच ईरान की संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने पहले हमला किया, तो ईरान मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा. वहीं अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अमेरिका या इजरायल की खुली कार्रवाई से ईरानी सरकार को यह कहने का मौका मिल सकता है कि प्रदर्शन विदेशी ताकतों की साजिश हैं.

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एलन मस्क के स्टारलिंक की तैनात करने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, एक विकल्प यह भी है कि एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के टर्मिनल ईरान भेजे जाएं, ताकि इंटरनेट बंदी के बावजूद प्रदर्शनकारी संपर्क में रह सकें. ट्रंप ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर मस्क से बात करेंगे. यह भी बता दें कि मस्क पहले ही अपना स्टारलिंक ईरान में तैनात कर चुके हैं जिसे ईरान ने ठप कर दिया है. व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ट्रंप के हालिया बयानों से साफ है कि ईरान को लेकर अमेरिका का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है.

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