मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं रही है. यह धीरे-धीरे 'मैसेज' और 'नैरेटिव' की लड़ाई में भी बदलती नजर आ रही है. इस बीच ईरान ने एक अलग और ध्यान खींचने वाली रणनीति अपनाई है और मिसाइलों पर "थैंक्यू" लिखकर उन्हें इजरायल की तरफ दाग रहा है.
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी द्वारा जारी एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ मिसाइलों पर अलग-अलग देशों के नाम के साथ धन्यवाद संदेश लिखे गए हैं. इनमें भारत, जर्मनी, पाकिस्तान और स्पेन जैसे देशों का जिक्र शामिल है.
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इन देशों को इसलिए धन्यवाद दिया गया है क्योंकि उन्होंने खुलकर अमेरिका का समर्थन नहीं किया या इस संघर्ष में दूरी बनाए रखी है. ईरान इन संदेशों के जरिए यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह पूरी तरह अकेला नहीं है.
यह तरीका भले ही अलग लगे, लेकिन पूरी तरह नया नहीं है. इससे पहले इजरायल भी गाजा में हमलों के दौरान अपने हथियारों पर संदेश लिख चुका है. अब ईरान उसी तरह की रणनीति को अपने तरीके से अपनाता दिखाई दे रहा है. इसे एक तरह से जवाबी संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
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इस तरह के कदम को कई लोग "साइकोलॉजिकल वॉरफेयर" यानी मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा मानते हैं. इसका मकसद सिर्फ सैन्य कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संदेशों के जरिए एक खास धारणा बनाना भी होता है. यह रणनीति सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है.
इसके जरिए ईरान अपने नागरिकों और दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह अलग-थलग नहीं पड़ा है, खासकर उस समय जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उस पर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है.
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