111 खुफिया सेल का भंडाफोड़, 4 अमेरिकी जासूस गिरफ्तार... लारिजानी की हत्या के बाद ईरान का बड़ा एक्शन

ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने अली लारिजानी की मौत के बाद देश में अमेरिकी और इजरायली जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की है. ईरान के खुफिया मंत्रालय ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की सूचना देने की अपील की है.

Advertisement
अली लारीजानी की मौत के बाद ईरानी सुरक्षा बलों ने पूरे देश में इजरायली और अमेरिकी जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान शुरू किया. (File Photo: Getty) अली लारीजानी की मौत के बाद ईरानी सुरक्षा बलों ने पूरे देश में इजरायली और अमेरिकी जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान शुरू किया. (File Photo: Getty)

aajtak.in

  • तेहरान,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

इजरायली हवाई हमले में अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तसनीम न्यूज एजेंसी के हवाले से आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी खुफिया एजेंसियों ने देशभर में इजरायल और अमेरिका के जासूसी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है. 

Advertisement

अली लारिजानी, जो ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे, तेहरान के पास उनकी बेटी के घर पर हुए इजरायली हवाई हमले में मारे गए. इस हमले में उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी की भी मौत हो गई. इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को भी मारने का दावा किया है. 

ईरान के खुफिया मंत्रालय ने बताया कि देश के 26 प्रांतों में फैले 111 रॉयलिस्ट सेल्स (खुफिया राजनीतिक या चरमपंथी समूह जो राजशाही की बहाली की वकालत करते हैं) की पहचान कर उन्हें किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले ही निष्क्रिय कर दिया. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन नेटवर्क्स का मकसद देश में अस्थिरता पैदा करना और संवेदनशील सूचनाएं दुश्मन देशों तक पहुंचाना था.

यह भी पढ़ें: 'भारत से मदद आई है', ईरान ने पोस्ट कर कुछ ही घंटे में किया डिलीट! क्या है पूरा मामला

Advertisement

रेड के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद 

ईरान के मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिनमें अत्याधुनिक बंदूकें शामिल हैं. तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में हमेदान और पश्चिम अजरबैजान प्रांतों से चार अमेरिकी जासूसों को भी पकड़े जाने का दावा किया गया है. इन पर आरोप है कि ये सुरक्षा बलों के मुख्यालय, उपकरणों और तैनाती से जुड़ी गोपनीय जानकारी दुश्मन तक पहुंचा रहे थे. इसके अलावा, 21 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को सूचनाएं और तस्वीरें भेज रहे थे.

रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने दो बड़े हथियारों के जखीरे भी जब्त किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर सड़कों पर हिंसा और अराजकता फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था. बरामद हथियारों में 29 कोल्ट पिस्टल, 2 कलाश्निकोव राइफल और 58 मैगजीन शामिल हैं. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश के भीतर संगठित तरीके से अशांति फैलाने की योजना बनाई जा रही थी. एजेंसियों ने स्टारलिंक (Starlink) के 350 उपकरणों की दो बड़ी खेप जब्त करने का दावा किया है.

यह भी पढ़ें: 'युद्ध अमेरिका ने शुरू किया, अब तभी रुकेगा...', ईरान ने बताया कब और कैसे खत्म होगी जंग

Advertisement

ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन सैटेलाइट डिवाइसों का उपयोग अमेरिका और इजरायल के जासूसों द्वारा सर्विलांस से बचने और सिक्योर कम्युनिकेशन के लिए किया जा रहा था. ईरान के खुफिया मंत्रालय ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों, व्यक्तियों या ऑनलाइन नेटवर्क्स की जानकारी तुरंत सरकारी पोर्टल और आधिकारिक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए साझा करें. मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जनता की सतर्कता और सहयोग बेहद जरूरी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement