'सैकड़ों की मौत...', इजरायल के परमाणु प्लांट वाले डिमोना शहर पर हमले के बाद ईरान का दावा, कहा- बदल गया जंग का समीकरण

ईरान ने 73वीं बार हमला किया. इजरायल के परमाणु रिएक्टर वाले शहर दिमोना तक मिसाइल पहुंची, अमेरिकी अड्डे भी निशाने पर रहे, इजरायल के अपने अखबार ने इसे सबसे मुश्किल रात बताया और ईरान कह रहा है कि जंग का समीकरण अब तेजी से बदल रहा है.

Advertisement
IRGC ने बताया कि मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल के कई ठिकाने निशाने पर है (Photo: Reuters) IRGC ने बताया कि मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल के कई ठिकाने निशाने पर है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:46 AM IST

दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माना जाता है दिमोना. यह इजरायल के रेगिस्तान में बसा एक छोटा सा शहर है. लेकिन इसकी पहचान बहुत बड़ी है. यहीं पर इजरायल का परमाणु रिएक्टर है. इसे बचाने के लिए इजरायल ने दुनिया की सबसे महंगी, सबसे आधुनिक हवाई सुरक्षा तैनात कर रखी है. आयरन डोम, एरो सिस्टम सब कुछ.

माना जाता था कि यहां तक कोई मिसाइल पहुंच ही नहीं सकती. लेकिन शनिवार की रात वो हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ था. ईरान की मिसाइल दिमोना तक पहुंच गई.

Advertisement

जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई का एक लंबा सिलसिला शुरू कर रखा है. इसे ईरान ने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस" नाम दिया है.

यह अब अपने चौथे चरण में पहुंच चुका है. और शनिवार की रात जो हमला हुआ वो इस ऑपरेशन की 73वीं लहर थी. ईरान थका नहीं है. रुका नहीं है. और हर बार वो दावा करता है कि हमले पहले से ज्यादा सटीक हो रहे हैं.

शनिवार की रात क्या हुआ?

ईरान की IRGC यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी किया कि शनिवार की रात उसने इजरायल के उत्तरी और दक्षिणी. दोनों हिस्सों पर एक साथ हमला किया. हमले में तीन तरह की मिसाइलें इस्तेमाल हुईं. फत्ताह - ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल. इतनी तेज रफ्तार कि रोकना बेहद मुश्किल.
कद्र और एमाद - लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें जो सटीक निशाना लगाती हैं. और इन मिसाइलों के साथ हमलावर ड्रोन भी दागे गए.

Advertisement

कहां-कहां हमले हुए?

इजरायल के पांच शहरों पर निशाना साधा गया. दिमोना -परमाणु रिएक्टर वाला शहर. IRGC का दावा है कि यहां मिसाइल पहुंची और दर्जनों लोग मारे गए.

बेर शेवा - इजरायल का बड़ा शहर जहां कई सैन्य ठिकाने हैं. ईलात - लाल सागर के किनारे बसा इजरायल का दक्षिणी बंदरगाह शहर. अराद और किर्यात गत - दोनों सैन्य दृष्टि से अहम.

यह भी पढ़ें: महाजंग के बीच दमदार कूटनीति, एक और LPG कार्गो शिप भारत पहुंचा

अमेरिका भी निशाने पर

IRGC ने दावा किया कि सिर्फ इजरायल नहीं, इस बार अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया. कुवैत में अली अल-सलेम एयरबेस. UAE में अल-मिनहाद और अल-धफरा एयरबेस. यानी ईरान का संदेश बिल्कुल साफ है, "हम सिर्फ इजरायल से नहीं लड़ रहे. अमेरिका जहां भी है — वो भी निशाने पर है."

नुकसान कितना हुआ - दो अलग तस्वीरें

यहीं पर कहानी दिलचस्प हो जाती है. ईरान का दावा है कि 200 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए. अकेले दिमोना में दर्जनों की मौत. इजरायल का कहना है कि बस करीब 50 लोग घायल हुए. लेकिन इजरायल के अपने अखबार येदिओथ अहरोनोथ ने जो लिखा वो सरकारी बयान से कहीं ज्यादा गंभीर है, "यह 28 फरवरी के बाद इजरायल के नागरिकों के लिए सबसे मुश्किल रात थी."

Advertisement

और एक और सवाल - दिमोना में मिसाइल गिरने के बाद दर्जनों एंबुलेंस और कई सैन्य हेलिकॉप्टर घायलों को ले जाने के लिए भेजे गए. सिर्फ 50 घायलों के लिए इतने हेलिकॉप्टर? यह सवाल खुद ही अपना जवाब दे देता है.

IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल ने पत्रकारों और चश्मदीदों पर दबाव बना रखा है ताकि असली नुकसान की खबर बाहर न जा सके.

हिजबुल्लाह भी मैदान में

इजरायल की मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती. उत्तर में लेबनान का हिजबुल्लाह भी सक्रिय है. IRGC ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी और मध्य हिस्सों पर भारी दबाव बनाए रखा. यानी इजरायल एक साथ दो मोर्चों पर लड़ रहा है - दक्षिण से ईरान की मिसाइलें।
उत्तर से हिजबुल्लाह के हमले.

IRGC का सबसे बड़ा दावा

IRGC ने अपने बयान के आखिर में एक बड़ी बात कही, "जंग के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं." उनका दावा है कि इजरायल की हवाई सुरक्षा, जो दुनिया की सबसे मजबूत मानी जाती थी अब टूट रही है. इतने हमले रोकना उसके बस की बात नहीं रही.

इनपुट: प्रेस टीवी

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement