मुस्लिम देशों से जंग नहीं, अमेरिकी बेस हैं ईरान का टारगेट! ईरान के विदेश मंत्री बोले

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. तेहरान किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ युद्ध में नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा वो पड़ोसी देशों से नहीं, बल्कि उन अमेरिकी बलों से मुकाबला कर रहे है, जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं.

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ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने उनके लिए वैध लक्ष्य हैं. (Photo: Reuters) ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने उनके लिए वैध लक्ष्य हैं. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले और इसके बाद पलटवार के चलते लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं . ईरान के विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि उनका टारगेट पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने हैं. वो कहते हैं कि तेहरान क्षेत्रीय देशों के साथ युद्ध में नहीं है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि पूरे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकाने उनके लिए वैध लक्ष्य हैं.

अब्बास अराघची ने कहा कि हम युद्ध को क्षेत्रीय रूप देने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. यह अपने आप क्षेत्रीय बन जाएगा, क्योंकि हमारे क्षेत्र में अमेरिकी बेस और फैसिलिटी फैली हुई हैं.

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ईरान के स्टेट टीवी पर दिए अपने बयान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जब संयुक्त राज्य अमेरिका हम पर हमला करता है, चाहे फाइटर जेट से हो या डिप्लॉय किए गए शिप्स उनके पास हमारी टेरिटरी तक पहुंच है. वह हर तरह की मिसाइलों और विमानों से हमला कर सकता है.

हम उनकी मुख्य भूमि तक नहीं पहुंच सकते, लेकिन हम अमेरिका के ठिकानों तक पहुंच सकते हैं. मेरा मानना है कि वे ठिकाने लीगिटिमेट टारगेट है. 

अराघची ने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. हम अब पड़ोसी देशों से नहीं लड़ रहे, बल्कि उन अमेरिकी फोर्सेस से मुकाबला कर रहे हैं जो इन देशों की जमीन पर बेस बनाकर तैनात हैं. हम अमेरिका से भी डील कर रहे हैं जो हर तरीके से दिन-रात हम पर अटैक कर रहे हैं और साथ ही इजरायल का सामना भी कर रहे हैं.  

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अगर क्षेत्र में स्थित अमेरिकी बेस अपने सैनिकों को वहां से निकालकर होटलों में शिफ्ट कर देते हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से अपने आप में एक मुद्दा बन जाता है. हम किसी भी तरीके से अपना बचाव करेंगे. हम अपने लोगों की रक्षा करेंगे.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी कहा कि वह अपने राष्ट्र के साथ खड़े हैं. ईरान चुप नहीं बैठेगा और अपराधों के आगे नहीं झुकेगा.

उन्होंने कहा कि अस्पतालों पर किए जाने वाले हमले जीवन पर किए गए हमले हैं, जबकि स्कूलों पर हमले किसी राष्ट्र के भविष्य को निशाना बनाते हैं. मरीजों और बच्चों को सीधे तौर पर निशाना बनाना मानवता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है. दुनिया को इसकी निंदा करनी चाहिए.

अमेरिका पर दबाव बनाने को कहा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि क्षेत्रीय देशों को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर दबाव बनाने की बजाय कि वो अमेरिकी टारगेट्स पर हमला क्यों कर रहे हैं, अमेरिका पर प्रेशर डालना चाहिए. उन्हें अमेरिका को यह समझाने के लिए दबाव डालना चाहिए कि उन्होंने इस अन्यायपूर्ण, अवैध युद्ध को बिना किसी कारण शुरू क्यों किया और क्षेत्र को इस स्थिति में धकेल दिया.

उन्होंने दावा किया कि वो रीजन के किसी भी देश को इस्तेमाल नहीं कर रहे, और रीजन के देशों ने भी कहा कि उन्होंने अमेरिका को अपनी एयरस्पेस या टेरिटरी बिल्कुल नहीं दी, तो फिर वो एयरक्राफ्ट कुवैती एयरस्पेस में कैसे पहुंच गए?

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ईरान कुवैत सरकार को एक नोट सौंपने वाला है. अगर उनका दावा सच है कि कुवैती एयर डिफेंस ने उस एयरक्राफ्ट को गिराया, तो कुवैत को साफ-साफ बताना होगा कि वो एयरक्राफ्ट उनकी एयरस्पेस में क्या कर रहा था. अराघची ने कहा कि ईरान इस मामले में प्रोटेस्ट नोट भेजेगा.

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