अमेरिका-इजरायल की बमबारी में 200 बच्चों समेत सैकड़ों नागरिकों की गई जान, ईरान का दावा  

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि कुछ पड़ोसी देश इस्लामिक रिपब्लिक पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी को बढ़ावा दे रहे हैं और उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

Advertisement
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. (Photo: Reuters) ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • तेहरान,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोमवार को कहा कि इजरायल और अमेरिका की बमबारी में अब तक सैकड़ों ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 200 से अधिक बच्चे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टें भी सामने आई हैं कि कुछ पड़ोसी देश, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और जहां से ईरान पर हमले की अनुमति दी जाती है, वे भी इस सैन्य कार्रवाई को बढ़ावा दे रहे हैं. अराघची ने कहा कि इन देशों को अपने रुख को जल्द स्पष्ट करना चाहिए.

Advertisement

अराघची ने तंज कसते हुए कहा, 'जो अमेरिका पहले ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग कर रहा था, अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को खुला रखने के लिए दूसरे देशों से मदद मांग रहा है.' इससे पहले दिन में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि मौजूदा युद्ध ऐसे समाप्त होना चाहिए कि भविष्य में कोई भी देश इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला करने की हिम्मत न करे. उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेगा.

अराघची ने कहा, 'यह युद्ध ऐसे खत्म होना चाहिए कि हमारे दुश्मन फिर कभी हम पर हमला करने की न सोचें. उन्हें अब समझ आ गया होगा कि वे किस तरह के देश का सामना कर रहे हैं. हम अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं हिचकिचाएंगे नहीं और जरूरत पड़ने पर युद्ध जारी रखने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं.' इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश ईरान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उनके लिए यह जलमार्ग खुला नहीं रहेगा.

Advertisement

इस्माइल बघाई ने कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की निगरानी ईरान की सशस्त्र सेनाएं कर रही हैं और क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति के कारण जहाजों की आवाजाही विशेष शर्तों के तहत ही होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक तटीय देश होने के नाते अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुश्मन देशों को इस जलमार्ग का दुरुपयोग करने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है. बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे. यह सैन्य टकराव ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान द्वारा इजरायल विरोधी संगठनों को समर्थन जैसे मुद्दों से जुड़ा है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement