ईरान के लिए अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. आशंका है कि अमेरिका ईरान पर आने वाले कुछेक घंटों में हमला कर सकता है. इस बीच ईरान में कई बड़े धमाके भी हुए हैं. शनिवार को ईरान के दक्षिण में स्थित बंदर अब्बास बंदरगाह पर एक जोरदार धमाका हुआ. धमाके को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बज बना हुआ है और कहा जा रहा है कि इनमें ईरान के नेवी चीफ ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत हो गई है. कथित तौर पर यह हमला इजरायल ने अमेरिका के सहयोग से किया जिसमें ईरान के नेवी चीफ तंगसीरी को निशाना बनाया गया.
सोशल मीडिया पर कई वेरिफाइड अकाउंट्स से किए गए ट्वीट्स में दावा किया जा रहा है कि तंगसीरी की हत्या कर दी गई है.
ईरानी मूल के मशहूर ब्रिटिश एक्टर और कमेडियन Omid Djalili ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, 'IRGC (ईरानी सेना) पर हमले शुरू हो गए हैं. यह बंदर अब्बास का मामला है, जहां विस्फोट हुआ है. ईरानी शासन कह रहा है कि यह सिर्फ गैस विस्फोट हैं, और वो भी एक मिलिट्री बिल्डिंग में. झूठ का सिलसिला जारी है.'
ट्यूनीशिया के पत्रकार डॉ. गाजी बेन अहमद ने ब्रिटिश एक्टर के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'आज पोर्ट सिटी बंदर अब्बास पर हुए हमले में IRGC के नेवी कमांडर मारे गए हैं.'
नेवी कमांडर के मारे जाने की खबरों पर ईरान क्या बोला?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने सोशल मीडिया पर फैल रहे इस दावे को झूठा बताया है. ईरानी सेना का कहना है कि उनके नेवी चीफ की हत्या नहीं हुई है.
IRGC के जनसंपर्क विभाग ने शनिवार को कहा कि यह अफवाह एक ऐसे अकाउंट से फैलाई गई है, जिसका संबंध इजरायल से है. जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि इजरायल से संबंध रखने वाला अकाउंट 'मनोवैज्ञानिक युद्ध में मोसाद की ऑपरेशनल ब्रांच' की तरह काम करता है.
बयान में कहा गया कि इसी अकाउंट ने इससे पहले भी IRGC की कुद्स फोर्स के कमांडर मेजर जनरल इस्माइल कानी की हत्या को लेकर झूठे दावे किए थे.
अमेरिकी हमले के खतरे के बीच ईरानी सेना अलर्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से ईरान को लगातार धमकी दे रहे हैं. उन्होंने ईरान से कहा है कि वो बिना शर्त बातचीत की टेबल पर आए और परमाणु समझौता करे. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि हमले की धमकियों के साए में कोई बातचीत नहीं हो सकती है.
ईरान के कड़े रुख ने ट्रंप को भड़का दिया है और माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. इस बीच ईरान के सेना प्रमुख अमीर हतामी ने शनिवार को अमेरिका और इजरायल को किसी भी हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने कहा है कि अमेरिका की खाड़ी में भारी सैन्य तैनाती के बाद ईरानी सशस्त्र बल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं और उनकी सैन्य तैयारियां पूरी हैं.
हतामी ने कहा, 'अगर दुश्मन कोई गलती करता है तो इसमें कोई शक नहीं कि वो अपनी सुरक्षा, क्षेत्र की सुरक्षा और जायोनिस्ट शासन (इजरायल) की सुरक्षा को खतरे में डाल देगा.'
उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान के कितने भी वैज्ञानिकों और नागरिकों की हत्या कर दे, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को नष्ट नहीं किया जा सकता.
aajtak.in