ईरान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो विदेशी नागरिक भी हैं. ईरान का आरोप है कि ये लोग अमेरिका और इजरायल से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे और देश में स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण लेकर आए थे जो ईरान में पूरी तरह गैरकानूनी है.
पिछले सात हफ्तों से ईरान में इंटरनेट लगभग बंद है. अमेरिका और इजरायल के साथ चल रही जंग की वजह से ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट पर बहुत सख्त पाबंदियां लगा दी हैं. आम लोग ठीक से इंटरनेट नहीं चला पा रहे. इसी माहौल में स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट डिवाइस लोगों के लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने का एकमात्र जरिया बन गए हैं.
गिरफ्तार कौन हुए?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तनसीम ने बताया कि चार लोगों को ईरान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से गिरफ्तार किया गया. इनमें से दो विदेशी नागरिक हैं लेकिन ईरान ने अभी तक उनकी राष्ट्रीयता नहीं बताई है।
स्टारलिंक क्या होता है और यह ईरान में बैन क्यों है?
स्टारलिंक एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम है. यह जमीन पर लगे टावर की बजाय सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से इंटरनेट देता है. इसकी खासियत यह है कि सरकार इसे आसानी से बंद या कंट्रोल नहीं कर सकती.
ईरान जैसे देश के लिए यही सबसे बड़ी समस्या है. ईरान सरकार इंटरनेट पर पूरा कंट्रोल रखना चाहती है. अगर लोगों के पास स्टारलिंक है तो वो सरकारी पाबंदी के बावजूद बाहर की दुनिया से जुड़ सकते हैं, खबरें पढ़ सकते हैं और जानकारी शेयर कर सकते हैं. इसीलिए ईरान में स्टारलिंक रखना और लाना पूरी तरह गैरकानूनी है.
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आरोप क्या हैं?
ईरान ने इन चारों पर दो बड़े आरोप लगाए हैं. पहला यह कि ये लोग अमेरिका और इजराइल से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे. दूसरा यह कि इन्होंने देश में स्टारलिंक और इस जैसे दूसरे सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण लाए जो ईरान में पूरी तरह बैन हैं.
यह पहली गिरफ्तारी नहीं है
अमेरिका और इजरायल के साथ जंग शुरू होने के बाद से ईरान में इस तरह की गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है. अब तक सैकड़ों ईरानी नागरिकों को 'दुश्मन देशों के साथ सहयोग' के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है. ईरान सरकार इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बता रही है.
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