ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में पूरे पश्चिम एशिया में कहर मचा दिया है. ईरान ने इजरायल समेत पश्चिम एशिया के 8 शहरों में हमला किया है. ईरान बैलेस्टिक, सुपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों से इजरायल, बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और इराक के दर्जनों शहरों पर हमला किया है. ईरान ने कहा है कि दुश्मन की हार तक हमारा हमला जारी रहेगा. ईरान ने कहा है ये हमला जरूर इजरायल ने शुरू किया है, लेकिन इसे खत्म ईरान करेगा.
ईरान ने हमलों का जवाब वैसे ही दिया जैसा वह महीनों से धमकी दे रहा था. ईरान ने पहले इजरायल को निशाना बनाकर बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की बौछार कर दी. वहीं ताजा खबरों के मुताबिक इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्री की मौत हो गई है.
इसके बाद ईरान ने अप्रत्याशित ताकत का प्रदर्शन करते हुए पश्चिम एशिया के 7 देशों पर हमले किए. इन देशों में ईरान का मुख्य टारगेट अमेरिकी सैनिक अड्डे थे. ईरान ने बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए. यहां अमेरिकी सैन्य अड्डे ईरान के मुख्य टारगेट थे.
सरकारी मीडिया ने कहा कि यूनाइटेड अरब अमीरात की राजधानी पर ईरानी मिसाइल हमले के छर्रों से एक व्यक्ति की मौत हो गई. UAE और इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया.
ईरानी ने जवाबी हमले से दुनिया को चौकाया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक सख्त बयान जारी कर कहा कि देश अपने जवाब में 'हिचकेगा नहीं.' X पर पोस्ट किए गए एक बयान में ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, "अब समय आ गया है कि देश की रक्षा की जाए और दुश्मन के मिलिट्री हमले का सामना किया जाए."
तेहरान से रियाद की दूरी 1,238 KM, तेहरान से दुबई की दूरी 1197 किलोमीटर और ईरान से इजरायल की दूरी 1724 किलोमीटर है. ईरान पहली बार सैकड़ों किलोमीटर दूर तक हमला कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर दिया है.
UAE में ईरानी मिसाइलों ने मचाया कोहराम
ईरानी मिसाइलों का गल्फ में सुरक्षित माने जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात में पहुंच जाना बड़ी बात रही. ईरानी मिसाइलों की वजह से दुबई और अबू धाबी में कई धमाके हुए हैं. UAE का दावा है कि एयर डिफेंस ने अधिकांश ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है.
हालांकि दुबई में लगातार धमाकों की आवाजें आ रही हैं.
अबू धाबी में मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई है. ये पाकिस्तानी का रहने वाला है. दुबई एयरपोर्ट से सारी उड़ाने रद्द कर दी गई हैं.
ईरान ने UAE में मौजूद अमेरिका के अल धाफ्रा एयर बेस को टारगेट किया गया है. लेकिन स्पष्ट बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
संयुक्त अरब अमीरात ने इन हमलों से प्रभावित इलाके के देशों के लिए UAE की पूरी एकजुटता और पक्के सपोर्ट की बात कही. साथ ही, इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सुरक्षा को अलग अलग नहीं जा सकता और किसी भी देश की सॉवरेनिटी पर कोई भी उल्लंघन पूरे इलाके की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है.
UAE ने झगड़े सुलझाने या लड़ाई का दायरा बढ़ाने के लिए इस इलाके के देशों के इस्तेमाल को साफ तौर पर मना कर दिया.
सऊदी अरब में भी ईरान का हमला
ईरान के मिसाइल हमलों ने कथित रूप से सुरक्षित माने जाने वाले सऊदी अरब की राजधानी रियाद में तहलका मचा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक रियाद में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है. कुछ रिपोर्ट्स में ईरानी मिसाइलों के सऊदी एयरस्पेस में आने या रियाद के ऊपर होने की बात कही गई है, लेकिन सऊदी अथॉरिटीज ने अभी तक कोई आधिकारिक कन्फर्मेशन नहीं किया है कि कोई मिसाइल हिट हुई है.
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने ईरान द्वारा खाड़ी और इलाके के कई देशों की आजादी के उल्लंघन की कड़ी निंदा की है.
एक ऑफिशियल बयान में, मंत्रालय ने UAE, बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन की आजादी के “खुलेआम” उल्लंघन की निंदा की, और इन देशों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई और उनके उठाए जाने वाले किसी भी कदम का समर्थन किया.
सऊदी अरब ने देश की आजादी के लगातार उल्लंघन और इंटरनेशनल कानून के उल्लंघन के गंभीर नतीजों की चेतावनी दी. और इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे काम इलाके की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं.
कतर में ईरानी मिसाइलों ने मचाया कोहराम
ईरान ने कतर की राजधानी दोहा में अमेरिकी एयरबेस अल उदैद एयर बेस को टारगेट किया. ये इस इलाके में अमेरिका का सबसे बड़ा क्षेत्रीय बेस है. कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी सेना ने कई मिसाइलों को उसके स्पेस में पहुंचने से पहले ही मार गिराया. मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल का पता चलते ही उनसे "पहले से तय सुरक्षा योजना के अनुसार" निपटा गया.
रक्षा मंत्रालय इस बात पर ज़ोर देता है कि क़तर की सेना के पास देश की रक्षा करने की पूरी क्षमता और संसाधन हैं. हालांकि गल्फ के जो देश कभी सुरक्षित समझे जाते थे वहां ईरानी मिसाइलों को पहुंचने से हड़कंप मचा हुआ है.
कतर की राजधानी दोहा में कई धमाकों की खबर है.
कतर के फॉरेन मिनिस्ट्री ने हमलों की निंदा करते हुए इसे अपनी सॉवरेनिटी का "खुला उल्लंघन" बताया. उसने कहा कि कतर हमेशा उन पक्षों में से रहा है जो ईरान के साथ बातचीत की मांग कर रहे हैं.
फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा कि एक पड़ोसी द्वारा कतर को टारगेट करना "किसी भी वजह या बहाने से स्वीकार नहीं किया जा सकता" क्योंकि गैस से भरपूर खाड़ी देश ने हमेशा खुद को क्षेत्रीय झगड़ों से दूर रखा है. इस हमले के बाद कतर, कुवैत और UAE ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है.
इस बीच ईरान ने कहा है कि ईरानी हमले से कतर में तैनात और बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल होने वाले खास इक्विपमेंट से लैस अमेरिकन FP-132 लॉन्ग-रेंज रडार पूरी तरह से नष्ट हो गया. ईरान ने कहा है कि बहरीन में US बेस पर ईरान का शुरुआती हमला बहुत असरदार रहा है.
बहरीन में US नेवी की 5th फ्लीट पर ईरानी अटैक
ईरान के 28 फरवरी 2026 के हमलों का बहरीन पर सबसे ज्यादा और प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है. ईरान ने मनामा में स्थित मुख्य रूप से अमेरिकी नेवी की Fifth Fleet के हेडक्वार्टर को टारगेट किया. यहां ईरानी मिसाइलों के गिरने के बाद आग की लपटें और धुएं के गुबार देखे गए हैं.
बहरीन की स्टेट न्यूज़ एजेंसी और इंटीरियर मिनिस्ट्री ने कन्फर्म किया कि US Navy के Fifth Fleet के सर्विस सेंटर/हेडक्वार्टर को मिसाइल अटैक का सामना करना पड़ा. कुछ रिपोर्ट्स में कम से कम 3 मिसाइलों के हिट होने की बात सामने आई है.
ईरानी अटैक की वजह से राजधानी मनामा में जोरदार विस्फोट हुए और US बेस के ऊपर काला धुआं उठता देखा गया. वीडियो और फोटोज में यह साफ दिख रहा है.
ईरानी हमले से बेस पर इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है, लेकिन डिटेल्स अभी स्पष्ट नहीं हैं. कुछ रिपोर्ट्स में बेस के आसपास के इलाके में डैमेज की बात है. हालांकि अभी मृतकों या घायलों की जानकारी सामने नहीं आई है.
US नेवी की 5th फ्लीट कमांड तेल से भरपूर मिडिल ईस्ट के आसपास शिपिंग लेन को सुरक्षित करने के लिए ज़िम्मेदार है.
इराक पर हमला
इराक में बगदाद के दक्षिण-पश्चिम में जुर्फ अल-सखार इलाके में ईरान के सपोर्ट वाले कताइब हिजबुल्लाह मिलिशिया के हेडक्वार्टर पर शनिवार को एक ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए और चार अन्य घायल हो गए.
ये हमला किसने किया था ये जानकारी सामने नहीं आई है. US या इज़राइल की तरफ से तुरंत कोई कमेंट नहीं आया है.
शनिवार को ईरान पर हुए हमलों से पहले ग्रुप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो वे भी लड़ाई में शामिल हो जाएंगे.
इस बीच इराकी विदेश मंत्री फुआद हसन ने एक बयान में कहा कि उन्हें उनके ईरानी काउंटरपार्ट अब्बास अराघची का फोन आया, जबकि अराघची ने कहा कि ईरान सेल्फ-डिफेंस के लिए इस इलाके में US बेस को टारगेट करेगा.
जॉर्डन तक पहुंची ईरानी मिसाइलें
ईरान ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें जॉर्डन की तरफ लॉन्च कीं जो मुख्य रूप से अमेरिकी मिलिट्री प्रेजेंस मुवाफ्फा सालटी एयर बेस को टारगेट करने के लिए थीं. रिपोर्ट में जॉर्डन आर्म्ड फोर्सेस ने दोनों मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. जॉर्डनियन मिलिट्री सोर्स ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है.
अम्मान और अन्य इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कुछ जगहों पर फाइटर जेट्स की आवाजें आईं और एयर रेड सायरन भी बजे. इस वक्त जॉर्डन एयरफोर्स एरियल रेकी कर रही हैं और इंस्पेक्शन ऑपरेशन का हिस्सा हैं. इसका मकसद जॉर्डन के एयरस्पेस की सेफ्टी बनाए रखना और यह पक्का करना है कि यह किसी भी तरह की घुसपैठ या गैर-कानूनी एक्टिविटी से फ्री रहे.
कुवैत में अमेरिकी बेस पर अटैक
ईरान ने कुवैत में स्थित मुख्य रूप से अली अल सलेम एयर बेस को टारगेट किया. अल सलेम एयर बेस अमेरिकी सेना का महत्वपूर्ण बेस है. यह इस क्षेत्र में एयरलिफ्ट हब है. कुवैत का दावा है कि ईरानी मिसाइलों को कुवैत की एयर डिफेंस ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया है. कुवैत आर्म्ड फोर्सेस और स्टेट न्यूज़ एजेंसी ने कन्फर्म किया कि कुवैत ने इसे सफलतापूर्वक डील किया.
इजरायली हमले में 51 ईरानी स्कूली छात्राओं की मौत
बता दें कि ईरान पर इजरायली और अमेरिकी हमले के कुछ घंटे बाद ही ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इज़रायल को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलों की "पहली लहर" शुरू की है.
इजरायल के हमले में ईरान में 51 स्कूली छात्राओं की मौत हुई है और कुछ शहरियों के मरने की भी खबरें हैं.
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